अंजुमन हुसैनिया, खुर्सीपार की ओर से युवा अस्थिरोग सर्जन डॉ. मोहम्मद शादाब और वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद फारुक को उनकी विशिष्ठ सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।
अंजुमन हुसैनिया की ओर से हर साल 10 दिन तक चलने वाले शोहदा-ए-कर्बला के आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए अंचल के प्रमुख लोगों का सम्मान किया जाता है। अंजुमन हुसैनिया के प्रमुख हुसैन अली अशरफी ने बताया कि इस साल डॉ. शादाब और मोहम्मद फारुक को सम्मानित किया गया।
अंजुमन हुसैनिया की ओर से हर साल 10 दिन तक चलने वाले शोहदा-ए-कर्बला के आयोजन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से चुने गए अंचल के प्रमुख लोगों का सम्मान किया जाता है। अंजुमन हुसैनिया के प्रमुख हुसैन अली अशरफी ने बताया कि इस साल डॉ. शादाब और मोहम्मद फारुक को सम्मानित किया गया।
डॉ. शादाब वर्तमान में शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज, अस्पताल में अस्थि रोग सर्जन के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वहीं वर्तमान में दूरदर्शन के स्थानीय प्रतिनिधि मोहम्मद फारुक विगत तीन दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। सम्मानित किए जाने के दौरान डॉ. शादाब के पिता और प्रख्यात चिकित्सक डॉ. लाल मोहम्मद, साहित्यकार अब्दुल कलाम, लेखक व पत्रकार मुहम्मद जाकिर हुसैन व अन्य उपस्थित थे।
बागपत और मेरठ में सम्मानित हुए शायर नौशाद
बागपत में आकाशवाणी के अखिल भारतीय श्रोता सम्मेलन और मेरठ में आयोजित मुशायरा-कवि सम्मेलन में भिलाई के शायर नौशाद अहमद सिद्दीकी को सम्मानित किया गया।
बागपत में समिति के अध्यक्ष संजय ढींगरा, रवि कुमार राहुल, सतीश मिगलानी, विजेंद्र जायजान, ज्ञान भूषण शर्मा, परस राम साहू गुरु और अतिथियों ने नौशाद सिद्दीकी का सम्मान किया। कार्यक्रम में कई हस्तियां मौजूद रही।
इसी तरह अफ़रोज़ एजुकेशनल ट्रस्ट, मेरठ (उत्तर प्रदेश) द्वारा एक नशिस्त आयोजित की गई जिसमें छत्तीसगढ़ उर्दू अकादमी से प्रकाशित शायरी संग्रह कहकशां का विमोचन किया गया। यहां शायर अहमद सिद्दीकी की मौजूदगी में अन्य शायरों ने अपने कलाम पढ़े। इस दौरान आल इंडिया उर्दू सर्विस से तारिक जमील, इमरान आजमी, अय्यूब खान, विविध भारती सेवा से शेफाली कपूर, रेडियो बदायूं से गजेन्द्र, रेडियो रायपुर से शशांक खरे, श्याम वर्मा और रेडियो बर्फी, रेडियो बरेली, रेडियो धड़कन और रेडियो जगदलपुर छत्तीसगढ़ के उद्घोषक-उद्घोषिका भी मौजूद थे।
अफ़रोज़ एजुकेशनल ट्रस्ट के चैयरमेन साजिद अली सतरंगी, सेक्रेटरी डॉ. साजिद अली, कोषाध्यक्ष मोईनुद्दीन, नूर मोहम्मद सैफी, राशिद नूर, डॉ. परवेज़ आलम, डॉ. फैजुल हसन, दिलनवाज ख़ान और मौलाना अब्दुल अहद ने भी अपनी भागीदारी दी।
अफ़रोज़ एजुकेशनल ट्रस्ट के चैयरमेन साजिद अली सतरंगी, सेक्रेटरी डॉ. साजिद अली, कोषाध्यक्ष मोईनुद्दीन, नूर मोहम्मद सैफी, राशिद नूर, डॉ. परवेज़ आलम, डॉ. फैजुल हसन, दिलनवाज ख़ान और मौलाना अब्दुल अहद ने भी अपनी भागीदारी दी।