रमजान उल मुबारक-1445 हिजरी
विसाल (7 रमजान)
हज़रत सय्यद हाशिम पीर अलैहिर्रहमा,बीजापुर
हज़रत मौलाना बदरुद्दीन क़ादरी अलैहिर्रहमा
बंदों के हुकूक की माफी के लिए सिर्फ तौबा काफी नहीं
'' हजरत अबु हरैरह रदि अल्लाहो अन्हु से रियायत है कि नबी ए करीम ﷺ ने इरशाद फरमाया, जिसके जिम्मे उसके मुसलमान भाई का कोई हक हो, चाहे वो आबरू का हो या किसी और चीज का, उसे आज ही माफ करा लेना चाहिए। इससे पहले कि न दीनार होगा और न दिरहम होगा। (इससे मुराद कयामत का दिन है, यानी वहां हुकूक की अदायगी के लिए रुपया-पैसा न होगा।)- बुखारी शरीफ
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✅ रियाद : आईएनएस, इंडिया
इदारा उमूर हरमैन की जनरल अथार्टी का कहना है कि रमज़ान उल-मुबारक के पहले हफ़्ते में मस्जिद नबवी ﷺ आने वाले ज़ाइरीन की तादाद 50 लाख से तजावुज़ कर गई। सबक़ वेबसाइट के मुताबिक़ जनरल अथार्टी बराए उमूर मस्जिद नबवी ﷺ की जानिब से जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि गुजिश्ता एक हफ़्ते के दौरान 52 लाख 25 हज़ार 231 ज़ाइरीन ने अथार्टी की जानिब से फ़राहम की जाने वाली सहूलयात से इस्तिफ़ादा किया। रिपोर्ट के मुताबिक़ 414878 ज़ाइरीन ने रौज़ा-ए-रसूल ﷺ पर सलाम पेश किया, 134447 मर्द और 107697 ख़वातीन ने रियाजुल जन्ना में नमाज़ अदा की। इसके अलावा 10482 बुज़ुर्ग और माज़ूर अफ़राद ने अथार्टी की जानिब से उनके लिए मख़सूस ख़िदमात को इस्तिमाल किया, जबकि मुख़्तलिफ़ मुल्कों से ताल्लुक़ रखने वाले 110412 ज़ाइरीन ने मस्जिद नबवी ﷺ में तर्जुमा की सहूलत से फ़ायदा उठाया। 149149 ज़ाइरीन में तहाइफ़ तक़सीम किए गए, जबकि हेल्पलाइन पर गुज़शता हफ़्ते के दौरान 648411 काल्ज़ मौसूल हुईं जिन पर ज़ाइरीन की रहनुमाई की गई।
दूसरी जानिब आन फ़ील्ड सर्विसिज़ के ज़िमन में 94814 अफ़राद ने रास्ता बताने की सर्विस से फ़ायदा उठाया, जबकि मस्जिद-ए-नबवी ﷺ के सेहन में 36172 अफ़राद को ट्रांसपोर्ट सर्विस फ़राहम की गई, 144000 ज़मज़म की बोतलें और 15243 इफ़तार बाक्स तक़सीम किए गए।
हरमैन शरीफ़ैन में माज़ूर अफ़राद की सहूलत के लिए मख़सूस शोबा
ख़बर के मुताबिक़ अलस्वेहरी ने सऊदी टीवी चैनल से गुफ़्तगु करते हुए मज़ीद कहा कि इदारे में 50 अहलकार तयनात हैं, जो मुअम्मर, बीमार और माज़ूर अफ़राद की रहनुमाई के लिए ख़िदमात अंजाम देते हैं। मज़कूरा अहलकारों को चार शिफ्टों में 24 घंटे की बुनियाद पर ज़िम्मेदारियाँ तफ़वीज़ की जाती हैं ताकि किसी भी वक़्त हरमैन में आने वाले मज़कूरा अफ़राद की रहनुमाई की जा सके। अलस्वेहरी का मज़ीद कहना था कि मस्जिद उल-हराम में व्हील चेयर के लिए दरवाज़े मख़सूस किए गए हैं जबकि माज़ूर अफ़राद के लिए नमाज़ अदा करने के लिए भी मुक़ामात का ताय्युन किया गया है, जिनकी निशानदेही भी की गई है ताकि लोगों को किसी किस्म की दुशवारी का सामना ना करना पड़े।
सऊदी अरब : सहराए अफ़ीफ़ में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी
रियाद : सऊदी अरब के दारुल हुकूमत रियाद के मग़रिब में वाके सहराए अफ़ीफ़ में हैरतअंगेज मूसलाधार बारिश और बर्फबारी हुई जिससे पूरे सहरा ने सफेद चादर सी ओढ़ ली।
रिपोर्ट के मुताबिक़ सहरा में रहने वाले लोग और सोशल मीडीया सारिफ़ीन दोनों ही इस ग़ैर मुतवक़्क़े मंजर को देखकर हैरान रह गए, बर्फ़ से ढके सहरा की वीडीयोज़ और तसावीर सोशल मीडीया पर वाइरल हो गई। गौरतलब है कि मुक़ामी माहिरीन-ए-मौसमियात ने सऊदी अरब में 17 मार्च को एक नया मौसमी निज़ाम शुरू होने की तवक़्क़ो की थी। महकमा-ए-मौसीमीयत (मौसम विभाग) ने पेशगोई की थी कि नए मौसमी सिस्टम के आने से ममलकत में मूसलाधार बारिश होने की तवक़्क़ो है, गरज-चमक के साथ तूफ़ान, ओले और तेज़ हवाएं भी चलेंगी। माहिरीन मौसमियात इतवार को ममलकत के शुमाल की तरफ़ बढ़ने वाले नए मौसमी सिस्टम की निगरानी कर रहे हैं, इससे मग़रिबी और वसती इलाक़ों में गहरे बादल आने की तवक़्क़ो है, जिससे मुम्किना तौर पर बारिश होगी।