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रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने की गरियाबंद जिले के पीड़ित मुस्लिम परिवारों की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बहाली की माँग

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✅ नई तहरीक : रायपुर

    रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने प्रेस नोट जारी कर गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुतकैय्या खपरी में 1 फरवरी को घटित सिलसिलेवार हिंसक घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। फाउंडेशन के सैयद नावेद अशरफ ने कहा कि इन घटनाओं के पश्चात क्षेत्र में भय, तनाव और असुरक्षा का वातावरण बन गया है, विशेषकर मुस्लिम परिवारों में डर का माहौल व्याप्त है।
    उन्होंने कहा कि घटना के बाद कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कानून हाथ में लेते हुए निर्दोष परिवारों, महिलाओं और बच्चों पर हमला किया गया, उनके घरों, वाहनों एवं सामान को नुकसान पहुँचाया गया, जो पूरी तरह अपराध की श्रेणी में आता है।
    उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज किसी भी अपराधी या आपराधिक कृत्य का समर्थन नहीं करता, लेकिन कानून व्यवस्था को दरकिनार कर भीड़ द्वारा सजा देना स्वयं एक गंभीर अपराध है। रजा यूनिटी फाउंडेशन का मानना है कि अपराधी को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए, उसके परिवार, बच्चों और महिलाओं को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। आगजनी, तोडफोड़ और हमलावर चाहे किसी समाज या वर्ग के हों, उनके विरुद्ध सख्त और नष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए। 
    रजा यूनिटी फाउंडेशन के प्रभारी सय्यद नावेद अशरफ ने कहा कि गरियाबंद जिले में हुई घटना की फाउंडेशन ने निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जाँच की मांग की है। साथ ही पीड़ित मुस्लिम परिवारों को सुरक्षा, न्याय एवं उचित मुआवजा प्रदान करने, दोषियों की पहचान कर उन्हें कठोर कानूनी कार्रवाई के तहत जेल और क्षेत्र में स्थायी शांति, कानून व्यवस्था एवं आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। 
    नावेद अशरफ ने कहा कि गरियाबंद जिले की घटना को लेकर रजा यूनिटी फाउंडेशन पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज एवं पुलिस मुख्यालय, छत्तीसगढ़ में औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जाँच की माँग करेगी।
    उन्होंने कहा कि रज़ा यूनिटी फाउंडेशन शांति, इंसानियत और संविधान में विश्वास रखती है और किसी भी प्रकार की हिंसा, नफरत एवं अराजकता के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।

मतदाता सूचि से विलोपित किए जा रहे मुस्लिम मतदाताओं के नाम 

    रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन के प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दिनों राज्यपाल एवं मुख्य निर्वाचन आयोग (छत्तीसगढ़ राज्य) के संज्ञान में राज्य के कुछ जिलों एसआईआर प्रक्रिया के दौरान फ़ॉर्म संख्या 7 का दुरुपयोग करते हुए मतदाता सूची से मुस्लिम समुदाय के नाम विलोपित करने की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह कृत्य भारतीय संविधान द्वारा प्रदत्त मताधिकार का न सिर्फ उल्लंघन है, बल्कि लोकतंत्र की निष्पक्षता पर सीधा आघात है।
    ज्ञापन के जरिये रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन ने मांग की है कि फ़ॉर्म 7 के दुरुपयोग की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जाँच कराई जाए। साथ ही संबंधित मतदाता की जानकारी व सत्यापन के बिना कोई भी नाम सूची से विलोपित न किया जाए। इसके अलावा दोषी अधिकारियों अथवा असामाजिक तत्वों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा की मांग की है। 
    ज्ञापन सौंपने के दौरान मोहम्मद फहीम हक्कानी, नवेद अशरफ, डॉ. हबीबुद्दीन, डॉ. अब्दुल हफीज़, जाकिर अहमद, मोहम्मद शाहबाज़ एवं उस्मान वगैरह उपस्थित थे। 




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