शाअबान उल मोअज्जम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ
"बेहतर दोस्त अल्लाह के नज़दीक वो है, जो अपने दोस्तों में बेहतर हो और बेहतरीन पड़ोसी वो है जो अपने पड़ोसियों के हक़ में बेहतर हो।ह्व
- तिर्मिज़ी
✅ नई तहरीक : रायपुर
हर साल की तरह इस साल भी उर्स ए मोहसिने मिल्लत शान-ओ-शौकत के साथ मनाया जाएगा। उर्स की शुरुआत 15 फरवरी, बरोज इतवारी बाद नमाज़ ए फजर कुरान ख्वानी से होगी। बाद नमाज़ ए जोहर मस्तूरात का प्रोग्राम होगा जिसमें 13 बच्चियों की दस्तार बंदी की जाएगी। जिसके बाद आलिमा शाहाना नूरी कौम की मस्तूरात से खिताब फरमाएंगी।
नमाजे असर से पहले मदरसा इस्लाहुल मुस्लमीन में जां नशीने मोहसिन ए मिल्लत, हज़रत अल्लामा मौलाना, मरहूम मोहम्मद अली फारुकी की मजार पर फूल पेश कर शाही संदल निकाला जाएगा जो जुलूस की शक्ल में हज़रत फातेहशाह ग्राउंड पहुंचेगा जहां हज़रत हामिद अली फारुकी की मजार पर संदल, चादर, सलात-ओ-सलाम पेश किया जाएगा। इस दौरान 11 तुलबा की दस्तार बंदी की जाएगी जिसके बाद कुल शरीफ की फातेहा होगी जिसके खुसूसी तौर पर रियासत, मुल्क व कौम के लिए अमन, तरक्की व भाईचारगी के लिए दुआ की जाएगी।
मौलाना आरिफ अली फारुकी, मौलाना अशरफ़ अली फारुकी, डा. मुजाहिद अली फारुकी, मुफ्रती एहतेशाम अली फारुकी, कारी इमरान अशरफी, खतीबो इमाम, जामा मस्जिद, बैरन बाजार, मोहम्मद इमरान कादरी, मोवा, मोहम्मद शब्बीर कादरी, सीतापुर, मोहम्मद अजमल साहब, चरौदा और कोटा के कारी एजाज़ साहब ने उर्स ए मोहसिन ए मिल्लत हज़रत हामिद अली फारुकी से फैजयाब होने के लिए कसीर तादाद में लोगों से शिरकत की अपील की है।

