✅ नई तहरीक : रायपुर
रज़ा यूनिटी फ़ाउंडेशन के बानी शादाब आलिम रिज़वी ने प्रेस नोट जारी कर वैलनटाइन डे को इस्लामी तालीमात के ख़िलाफ़ रिवायत बताया। उन्होंने कहा, शरीयत की रोशनी में वैलेंटाईन डे मनाना नाजायज़ है। उन्होंने कहा कि इस्लाम ग़ैर मुहर्रम अफ़राद के साथ आज़ादाना मेल-जोल, उस नौईयत के मवाक़े पर तहाइफ़ का तबादला और ऐसी सरगर्मियों में शिरकत की इजाज़त नहीं देता, लिहाज़ा मुस्लमानों को चाहिए कि वो इस ग़ैर शरई अमल में हिस्सा लेने से गुरेज़ करें।
उन्होंने तशवीश का इज़हार करते हुए कहा कि आजकल बाअज़ मुस्लमान भी बड़े जौक-ओ-शौक से ये दिन मना रहे हैं, जो निहायत फ़िक्र की बात है। उन्होंने मसाजिद के अइम्मा किराम और उलमाए दीन से अपील की कि वो जुमा के ख़ुतबात और इजतिमाआत में इस मसले पर रोशनी डालें और नौजवानों को इस्लामी तालीमात के मुताबिक़ रहनुमाई फ़राहम करें।
शादाब आलिम रिज़वी ने मज़ीद कहा कि ये रुजहान ना सिर्फ इस्लामी इक़दार के मुनाफ़ी है बल्कि रिवायती हिन्दुस्तानी तहज़ीब और अख़लाक़ी मयारात से भी हम-आहंग नहीं है।
उन्होंने तमाम मुस्लमानों, बिलख़सूस नौजवानों से अपील की कि वो अपनी दीनी और तहज़ीबी शिनाख़्त की हिफ़ाज़त करें और ऐसे तमाम आमाल से इजतिनाब करें जो उनके मज़हबी उसूलों के ख़िलाफ़ हों।
