15 शाअबानुल मोअज्जम 1444 हिजरी
बुध, 8 मार्च 2023
खवातीन का आलमी दिन
लाहौर : आईएनएस, इंडियापाकिस्तानी सूबा पंजाब के दार-उल-हकूमत लाहौर में हुक्काम ने आठ मार्च को खवातीन के आलमी दिन के मौका पर निकाले जाने वाले मार्च पर पाबंदी लगा दी है। दुनियाभर में खवातीन का आलमी दिन हर साल आठ मार्च को मनाया जाता है। इस रोज पाकिस्तानी खवातीन की तन्जीमों और हुकूक निसवां (महिला अधिकार) के लिए फआल इदारों की तरफ से मुल्क के मुख़्तलिफ शहरों में तकरीबात और रैलीयों का एहतिमाम किया जाता है। लेकिन पाकिस्तान अक्सरीयती तौर पर एक इस्लामी मुआशरा है और वहां ऐसी रैलीयों पर तन्कीद और उनके शुरका की मुखालिफत भी एक उमूमी रवैय्या है। पाकिस्तानी खवातीन के हुकूक की जद्द-ओ-जहद करने वाली तंजीमें ऐसी रैलीयों का खासतौर पर 2018 से मुल्क के तकरीबन तमाम बड़े शहरों में एहतिमाम करती आई हैं। लेकिन ये भी देखा गया है कि कई समाजी और मजहबी सियासी हलकें ऐसी रैलीयों की मुखालिफत में इन इजतिमाआत का एहतिमाम भी करते हैं, जिन्हें ‘हया मार्च’ का नाम दिया जाता है।
जुमा तीन मार्च को रात गए लाहौर में खवातीन के आलमी दिन के मौका पर मार्च का एहतिमाम करने वाले मुंतजमीन के लिए जारी करदा एक सरकारी नोटीफीकेशन में कहा गया कि लाहौर में इस साल खवातीन के आलमी दिन के मौका पर मार्च करने और रैलीयां निकालने की इजाजत नहीं होगी। नोटीफीकेशन के बाद पंजाब के दार-उल-हकूमत लाहौर में औरत मार्च की मुंतजिम शख्सियात में से एक हिबा अकबर ने गुफ़्तगु करते हुए कहा कि ये खवातीन के हुकूक की खिलाफवरजी है। इस मार्च की इजाजत ना देना जाहिर करता है कि आजादी राय, इजहार राय और इजतिमा के हक के हवाले से इंतिजामात की हुकूमती अहलीयत पर सवालिया निशान लग चुका है।
ख़्याल रहे कि ‘औरत मार्च’ पर धड़ल्ले से मगरिबी फिक्र की तशहीर (प्रचार), बे-हयाई की तरगीब, जिन्सी बेराह रवी की तलकीन, हम-जिंस परस्ती की तालीम और इस्लामी-ओ-मशरिकी तहजीब का मुजहका उड़ाए जाने का भी इल्जाम है।
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