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रियाद : आईएनएस, इंडिया
सऊदी अरब के मुहक़्किक (शोधकर्ता) अहमद नगीसर को ममलकत के जुनूब (दक्षिण) में वाके (स्थित) तस्लीस गवर्नरी में एक राक पेंटिंग मिली है। राक ड्राइंग और नविश्ता जात (शिला लेख) के मुहक़्किक (शोधकर्ता) अहमद अलंगेसर ने इस बात की तसदीक की कि जो पेंटिंग मिली है, वो मजहबी रसूम के रक़्स की नुमाइंदगी करती है या ये शिकार की रसूमात के मुनाजिर के रक़्स की नुमाइंदगी कर सकती है।
उन्होंने निशानदेही की कि इन चटानों पर बनाई गई इन्सानी तसावीर से ऐसे लगता है कि वो रक़्स (नृत्य) कर रहे हैं। इसका अंदाजा उठाए गए बाजुओं से लगाया गया है जो जाहिर करते हैं कि ये तसावीर रक़्स की हो सकती हैं। उन्होंने मजीद कहा कि उनके कपड़े पूरे जिस्म को ढाँपे हुए हैं, जिसमें एक लंबा चोगा और पतलून शामिल है। सर बहुत छोटा और उसे लंबे बालों से सजाया गया है। बाल अतराफ से लटके बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनके रोजमर्रा के मनाजिर (दृÞश्य) मुख़्तलिफ और मुतनव्वे (विविध) वाकियात से भरे होते हैं। जैसे शिकार, जंग, जश्न, रक़्स, खानदानी और दीगर मनाजिर और ये मॉडल वो ड्राइंग हैं जो वादी खिजर के अतराफ में वाके हैं। अलकहरा पहाड़ असीर के इलाके में तस्लीस गवर्नरी में वाके है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि चट्टान की ड्राइंग्ज कदीम इन्सानी मुआशरों के दरमयान समाजी, मजहबी और इकतिसादी मसाइल से निमटने के लिहाज से उनकी ड्राइंग की मजमूई मुमासिलत और फर्क़ की निशानदेही करने के साथ-साथ कदीम मुआशरों के तरीकों को जानने में भी किरदार अदा करती हैं। उन्होंने कहा कि मीडीया और मुख़्तलिफ सोशल मीडीया के जरीये शहरीयों और माहिरीन में आसारे-ए-कदीमा (पुरातत्व) से मुताल्लिक आगाही फैलाना हम सब का फर्ज़ है।
हिरात में मस्जिद के बाहर बम धमाका, इमाम मस्जिद हलाक, कई जखमी
काबुल : अफ़्गानिस्तान के कई मुकामी मीडिया के मुताबिक जुमा के रोज मुल्क के मगरिबी शहर हिरात, मस्जिद के बाहर होने वाले जोरदार बम धमाके से लरज उठा। धमाके में कई अफराद के जखमी होने की इत्तिलाआत हैं। अफ़्गानिस्तान के तुलूअ न्यूज नामी सेटेलाईट न्यूज चैनल ने मुकामी जराइआ के हवाले से बताया है कि धमाके में हिरात मस्जिद के इमाम मुजीब अल रहमान अंसारी जांबाहक हो गए हैं।
