नई तहरीक : दुर्ग
मआशरे के होनहार और जरूरतमंद बच्चों को हायर एजुकेशन की राह में आने वाली दुश्वारियों खुसूसन माली परेशानियों से निजात दिलाने की जानिब कोशां (प्रयासरत) तंजीम छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन ने गुजिश्ता दिनों न सिर्फ मआशरे के होनहार बच्चों की माली इमदाद (आर्थिक सहयोग) कर हौसला अफजाई की, बल्कि ताअलीम के खित्ते (क्षेत्र) में बेहतर काम कर रही दीगर तंजीमों का इस्तकबाल भी किया ताकि उनकी भी हौसला अफजाई हो। सेक्टर-6, जामा मस्जिद, कम्यूनिटी हाल में मुनाकिद एजाजी तकरीब के मेहमाने खुसूसी फेमिली कोर्ट, दुर्ग के जज रिजवान खान थे। इसके अलावा जनाब नदीम, जीएम भिलाई इस्पात संयंत्र, रिजवान उद्दीन वाइस प्रेसिडेंट टेक्निकल आईबी ग्रुप, नसर सिद्दीकी डीएसपी, याकूब मेमन टीआई जामुल थाना, फजल संजरी और अकरम सिद्दीकी, चार्टर्ड अकाउंटेंट खुसूसी तौर पर मौजूद थे। इस दौरान इकरा टीचर्स सोसायटी, अल मदद फाउंडेशन, भिलाई सोशल वेलफेयर कमेटी और भिलाई बैतुलमाल कमेटी का इस्तकबाल किया गया। ये कमेटियां आला ताअलीम के अलावा माली इमदाद के जरिये जरूरतमंदों को रोजगार फराहम कराने की जानिब लंबे समय से काम कर रही हैं। साथ ही कौम के होनहार जरूरतमंद बच्चों की माली इमदाद की गई ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। इनमें क्लास 6 से कालेज तक के करीब 130 बच्चे शामिल थे।
और कारवां बनता गया
कौम के बच्चों को आला ताअलीम हासिल करने में आने वाली दुश्वारियों को दूर करने के हदफ (लक्ष्य) के साथ काम कर रही रियासत छत्तीसगढ़ की तंजीम ‘छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन’ की कोशिशों का नतीजा सामने आने लगा है। अपने कयाम के बाद से अब तक, यानि गुजिश्ता आठ सालों के दौरान छत्तीसगढ़ जकात फाउंडेशन की जानिब से सूबे भर में बड़ी तादाद में जरूरतमंद बच्चों को स्कालरशिप दी जा रही है। फाउंडेशन इसके लिए सूबेभर से जकात की रकम इकट्ठा करता है। जकात फाउंडेशन के भिलाई-दुर्ग इंचार्ज इमरान खान के मुताबिक फाउंडेशन का मकसद महज जरूरतमंदों को माली इमदाद पहुंचाना नहीं, बल्कि इमदाद पहुंचाने वालों की एक ‘चेन’ बनाना है ताकि मुस्तकबिल में भी कौम के हर जरूरतमंद बच्चों को मदद मिलती रहे। इमरान ने बताया कि जरूरतंद बच्चों को माली इमदाद फराहम कराने के दौरान फाउंडेशन उनसे यह वादा लेता है कि पढ़-लिखकर जब वे किसी काबिल हो जाएं तो अपनी तरह दूसरे बच्चों को मदद पहुंचाएंगे। नतीजतन मदद पहुंचाने वालों की एक चेन सी बनती जा रही है। इमरान ने बताया कि गुजिश्ता आठ सालों के दौरान फाउंडेशन की जानिब से जिन बच्चों की हौसलाअफजाई की गई है, उनमें कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जो अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं और जिन्होंने काबिल-ए-सताईश (सराहनीय) मुकाम हासिल कर लिया है, वे सामने आ रहे हैं, और अपने जैसे दीगर जरूरतमंद बच्चों को मदद मुहैय्या करा रहे हैं।
एजाजी तकरीब के इख्तेताम (समापन) पर जकात फाउंडेशन के मोहम्मद ताहिर ने शुक्रगुजारी का इजहार किया। इस मौके पर बड़ी तादाद में मआशरे के लोग मौजूद थे।

