नई तहरीक : दुर्ग
रायपुर नाका अंडर ब्रिज खोले जाने को लेकर प्रदर्शन करने वाले वार्ड 21 के पार्षद अरूण सिंह ने पुलिस द्वारा गैर जमानतीय धारा लगाने पर कहा कि जिस जनता ने अपना प्रतिनिधि बनाकर उन्हें नगर निगम के सदन तक भेजा है, उनकी आवाज बनना अपराध है तो अपराध ही सहीं। जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकेगा।
उन्होंने पूरे मामले में कांग्रेस विधायक अरूण वोरा पर सियासत का आरोप लगाया है। पार्षद सिंह ने कहा कि माह अप्रैल में अंडर ब्रिज का कार्य पूरा हो गया है लेकिन अब तक ब्रिज का लोकार्पण नहीं किया गया है। हर बार कोई कारण बताकर अंडर ब्रिज का लोकार्पण टाल दिया जाता है। ब्रिज का लोकार्पण नहीं होने से संबंधित वार्ड के रहवासियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पार्षद सिंह के मुताबिक पटरीपार की लगभग 2 लाख आबादी है। सिंधिया नगर, हनुमान नगर, तितुरडीह और कातुलबोर्ड जैसे बड़े इलाके पटरीपार क्षेत्र में शामिल हैं जहां के रहवासियों को प्रतिदिन पटरी पार कर दूसरी ओर जाना होता है। अंडरब्रिज इन्हीं रहवासियों की सुविधा के लिए बनाया गया है लेकिन श्रेय की राजनीति के चलते ब्रिज का निर्माण पूरा होने के बाद भी रहवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में इन्हें ओवरब्रिज से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है जो उनके लिए कष्टकारक है। इसकी वजह से न सिर्फ उन्हें लंबा चक्कर लगाना पड़ता है बल्कि दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। बीते वर्षो में हुई दुर्घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वार्डवासियों की इन परेशानियों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों की परेशानी का हवाला देते हुए उन्होंने अंडरब्रिज का जल्द लोकार्पण कराने की मांग की लेकिन उसे अनसुना कर दिया गया है। पंद्रह दिनों पूर्व श्री सिंह ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पुन: लोगों की परेशानी से अवगत कराते हुए ब्रिज का लोकार्पण कराने की मांग की थी। अन्यथ की स्थिति में उन्होंने पखवाड़ेभर बाद जनता द्वारा ब्रिज से आवागमन शुरू करने की चेतावनी दी थी।
पुलिस ने बरसाई लाठी
पार्षद सिंह ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संबंधित वार्ड के रहवासियों के साथ वे अंडरब्रिज से आवागमन शुरू कराने पहुंचे थे। लेकिन पुलिस के बल पर उन्हें रोक दिया गया। यही नहीं, वहां मौजूद लोगों पर लाठीचार्ज भी कराया गया। उन्होने मामले में गैरजमानतीय धारा लगाने पर इसे राजनैतिक षडयंत्र बताया।
