मोहर्रम के चहल्लुम में शामिल होने इराक जाने के ख्वाहिशमंद पाकिस्तानियों को परेशानी
इस्लामाबाद : आईएनएस, इंडिया
हकूमत-ए-पाकिस्तान ने अरबईन (चहल्लुम) के लिए इराक जाने का इरादा रखने वाले जाइरीन को वक्त पर वीजा नहीं मिल रहा है। इसे लेकर इराक की इंतेजामिया से पाकिस्तानी जाइरीन को फौरी तौर पर वीजा जारी करने राबता किया गया है ताकि वो मजहबी रसूमात में शिरकत कर सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक वफाकी वजीर बराए समुंद्र पार पाकिस्तानी साजिद हुसैन तूरी ने कहा कि 'हमने इराकी हुकूमत से कहा है कि पाकिस्तानी जाइरीन को फौरी तौर पर सरहद उबूर कर के इराक जाने की इजाजत दी जाए। साजिद हुसैन तूरी ने कहा कि पाकिस्तान में इराकी सफीर हामिद अब्बास हुकूमत के साथ मुकम्मल तआवुन कर रहे हैं और मुस्तकबिल में ऐसी सूरत-ए-हाल से बचने के लिए एक जामा पालिसी भी तैयार की गई है। ताहम मजलिस वहदत अलमुस्लिमीन (एमडब्लयूएम) ने हुकूमत पर मुआमले को संजीदगी से ना लेने का इल्जाम आइद करते हुए मुतालिबा किया है कि जाइरीन के लिए बेहतरीन सहूलयात फराहम की जाएं। सेक्रेटरी जनरल एमडब्लयूएम नासिर शीराजी ने जाइरीन को दरपेश मुश्किलात के बारे में बात करते हुए कहा कि हम इराकी हुकूमत की जानिब से कहना चाहेंगे कि वो जाइरीन के लिए खातिर-ख़्वाह इंतेजामात नहीं कर सकी। नासिर शीराजी ने कहा कि इराक पाकिस्तानियों को इस डर से इराक में दाखिले से मना कर रहा है कि वो अपने वतन वापस ना जाएं और अमन-ओ-अमान की सूरत-ए-हाल खराब हो जाए। पाकिस्तानी जाइरीन के वीजे भी मंसूख किए जा रहे हैं, इस तरह के मसाइल माजी में भी सामने आए लेकिन उन्हें खुश-उस्लूबी से तय किया गया।
गुजिशता हफ़्ते मजलिस वहदत अलमुस्लिमीन ने भी पाकिस्तानी जाइरीन पर पाबंदी की मुजम्मत करते हुए एक बयान जारी किया था जिसमें हुकूमत को मुआमले को हल करने में नाकामी पर तन्कीद का निशाना बनाया गया था, जबकि मसला जल्द हल ना होने की सूरत में एहतिजाज का इंतिबाह (विरोध की चेतावनी) भी दिया गया। अपनी मुलाकात में राना सना अल्लाह और साजिद हुसैन तूरी ने बैरून-ए-मुमालिक में कैद पाकिस्तानियों के मुआमले पर भी तबादला-ए-ख़्याल किया, दोनों फरीकैन (पक्षों) ने कैदी पाकिस्तानियों को वापिस लाने के लिए हिक्मत-ए-अमली तैयार करने का अज्म किया। बैरून-ए-मुल्क जेलों में कैद पाकिस्तानी कैदियों का मुआमला कौमी असैंबली और सिनेट में मुतअद्दिद बार उठाया जा चुका है।
