शाअबान उल मोअज्जम, 1447 हिजरी
﷽
फरमाने रसूल ﷺ ........................................
जिस शख्स का मकसद आखेरात की बेहतरी हो, अल्लाह ताअला उसके दिल को गनी कर देता है, उसके बिखरे हुए कामों को समेट देता है और दुनिया ज़लील हो कर उसके पास आती हैं।- तिर्मीज़ी शरीफ
✅ नई तहरीक : बिलासपुर यौमे जम्हूरिया के मौके पर मदरसा फैज़ाने अ़लियुल मुर्तजा, इस्लामिक साइंस एण्ड रिसर्च सेंटर, दर्रीघाट में परचम कुशाई की तकरीब मुनाकिद की गई। मेहमाने खुसूसी ऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन के वाईस प्रेसिडेंट डॉ जमील अहमद सिद्दीकी ने परचम कुशाई कर मेहमानों के साथ मुल्क की यकजहती, भाईचारगी बनाए रखने की जरूरत के साथ मुल्क, आईन और यौमे जम्हूरिया की हिफाज़त के लिए पुरअज्म रहने की बात कही।
गौरतलब है कि मेहमाने ख़ुस़ूस़ी जमील अह़मद स़िद्दीक़ी क़ादरी मदरसा फैजाने अलियुल मुर्तजा से जुड़े रहकर इसकी ताअलीमी तरक्की और मुस्तकबिल की स्कीम में हमेशा पेश-पेश रहे हैं। मेहमाने खुसूसी जमील अहमद की जेरे सर परस्ती में तंजीम रोजगार पर मबनी तर्बियती मर्कज, बेसहारा अफराद के लिए हाउसिंग सेंटर, इब्तिदाई तिब्बी इमदाद का मर्कज और इसके अलावा मजहबी रूहानियत के एक खास मर्कज बनाने की जानिब गामज़न हैं।
यौमे जम्हूरिया की तकरीब से खिताब करते हुए तलबा ने कौमी तराना पेश किया। तकरीब से खिताब करते हुए तलबा जलालुद्दीन ने अंग्रेजी और शेख़ नवाज़ ने हिंदी में 26 जनवरी, यौमे जम्हूरया की अहमियत पर रोशनी डाली। शेख़ मुआ़ज़ और मुहम्मद कबीर के हुब्बुल वतनी से लबरेज़ तराने पेश किए। जबकि हज़रत मौलाना मुशीरूल इस्लाम मिस्बाही ने हिन्दी सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा नए अंदाज में पेश कर माहौल को मुहब्बते वतन के रंग में रंग दिया। आख़िर में सदरे जलसा चेयरमैन फैज़ाने अ़लियुल मुर्तजा दावा कॉलेज, शेख़ बख़्शिश अहमद क़ादरी ने मेहमानों के तंई शुक्रगुजारी का इजहार किया।
तकरीब को कामयाब बनाने में अब्दुल सुब्हान, सूफी हाश्मी क़ादरी, शेख़ शाकिर, अब्दुल मतीन, मुईन बख़्श, आशिर अ़ज़ीम, फिरदौस, नूरैश, शाहमीर, फरहान, नियाज़, आदिल, अहमद रज़ा, फैज़ वगैरह ने कलीदी किरदार अदा किया।
तकरीब को कामयाब बनाने में अब्दुल सुब्हान, सूफी हाश्मी क़ादरी, शेख़ शाकिर, अब्दुल मतीन, मुईन बख़्श, आशिर अ़ज़ीम, फिरदौस, नूरैश, शाहमीर, फरहान, नियाज़, आदिल, अहमद रज़ा, फैज़ वगैरह ने कलीदी किरदार अदा किया।

