10 शाअबानुल मोअज्जम 1444 हिजरी
3 मार्च 2023
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तेहरान : आईएनएस, इंडिया
ईरान में स्कूली तालिबात को जहर देने का वाकिया मुल्कभर में तशवीश (चिंता) का सबब बन कर रह गया है। तालिबात को जहर देने के जिम्मेदार का हुकूमत अब तक पता नहीं लगा सकी है। गुजिश्ता तीन माह के दौरान ईरान में सैंकड़ों तालिबात को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर ईलाज के लिए मुख़्तलिफ अस्पतालों में लाया गया और बाअज को तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से दाखिल भी किया गया। उनमें से ज्यादातर वाकियात मजहबी तौर पर मुकद्दस तसव्वुर होने वाले शहर कुम और जुनूबी तेहरान में पेश आए हैं। इतवार को ईरान की हुकूमत ने इन वाकियात को लड़कियों के स्कूल बंद कराने के लिए किए गए हमले करार दिया है। ईरान के नियम सरकारी खबररसां इदारे 'तसनीम’ की रिपोर्ट के मुताबिक मंगल की दोपहर सूबा तेहरान के शहर परदेस में वाके खय्याम गर्लज स्कूल की मुतअद्दिद तालिबात को जहर दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक उनमें से 35 तालिबात को अस्पताल ले जाया गया। परदेस के अलावा कुम में ये वाकियात गुजिश्ता बरस नवंबर से जारी हैं जिनमें सैंकड़ों बच्चियां मुतास्सिर हो चुकी हैं। जहर खुरानी के ये वाकियात ऐसे वक़्त में सामने आए हैं, जब गुजिश्ता पांच माह से ईरान में एहितजाजी लहर जारी है। ये एहितजाजी लहर गुजिश्ता बरस 16 सितंबर को शुरू हुई थी, जब 22 साला महसा अम्मीनी नामी खातून ईरान की अखलाकी पुलिस की हिरासत में हलाक हो गई थीं। ईरान की हुकूमत के मुताबिक अब तक इन मुजाहिरों में सैंकड़ों अफराद हलाक हो चुके हैं जबकि हजारों मुजाहिरीन को गिरफ़्तार किया जा चुका है। इतवार के रोज मगरिबी ईरान के शहर बरोजरद के गर्लज स्कूल की तालिबात को भी जहर खुरानी के वाकिये के बाद अस्पताल लाया गया। ये गुजिश्ता एक हफ़्ते के दौरान बरोजरद में होने वाला चौथा ऐसा वाकिया था। ईरान के पुलिस चीफ अहमद रजा रादान ने मंगल को कहा था कि जहर देने के मुश्तबा (संदिग्ध) वाकियात की तहकीकात की जा रही है जबकि ईरान की पार्लियामेंट में भी ये मुश्तबा हमले जेर-ए-बहस आए।
सरकारी खबररसां इदारे के मुताबिक इजलास में वजीर-ए-सेहत बहिराम ऐन अललही भी शरीक हुए। बताया गया कि कुम और बरोजरद के हुक्काम तालिबात को जहर देने के वाकियात से निमटने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस चीफ के मुताबिक ताहाल इस मुआमले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई, ताहम पुलिस की तर्जीह इस मुआमले की जड़ तक पहुंचना है और जब तक इस बारे में तफसीलात सामने नहीं आतीं, ये तय नहीं कर सकते कि ये मुआमला दाखिली है या बैन-उल-अकवामी।
इतवार को ईरान के नायब वजीर-ए-सेहत यूनुस पनाही ने कहा था कि कुम में बाअज लोगों ने गर्लज स्कूल बंद कराने के लिए तालिबात को जहर दिया है। खबररसां इदारे के मुताबिक यूनुस पनाही का दावा था कि कुम में स्कूल के तलबा को जहर देने के वाकियात बाअज लोगों की इन कोशिशों का हिस्सा हैं, जिसके तहत वो लड़कियों के तालीमी इदारे बंद कराना चाहते हैं। अलबत्ता यूनुस पनाही ने वाजेह नहीं किया था कि वो कौन अफराद या गिरोह हैं जो लड़कियों की तालीम रोकने के लिए तलबा को जहर देने की कार्यवाईयों में मुलव्वस हैं।
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3 मार्च 2023
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| ईरान : पहेली बनकर रह गया तालिबात को जहर देने का मामला (file photo) |
तेहरान : आईएनएस, इंडिया
ईरान में स्कूली तालिबात को जहर देने का वाकिया मुल्कभर में तशवीश (चिंता) का सबब बन कर रह गया है। तालिबात को जहर देने के जिम्मेदार का हुकूमत अब तक पता नहीं लगा सकी है। गुजिश्ता तीन माह के दौरान ईरान में सैंकड़ों तालिबात को सांस लेने में तकलीफ की शिकायत पर ईलाज के लिए मुख़्तलिफ अस्पतालों में लाया गया और बाअज को तबीयत ज्यादा खराब होने की वजह से दाखिल भी किया गया। उनमें से ज्यादातर वाकियात मजहबी तौर पर मुकद्दस तसव्वुर होने वाले शहर कुम और जुनूबी तेहरान में पेश आए हैं। इतवार को ईरान की हुकूमत ने इन वाकियात को लड़कियों के स्कूल बंद कराने के लिए किए गए हमले करार दिया है। ईरान के नियम सरकारी खबररसां इदारे 'तसनीम’ की रिपोर्ट के मुताबिक मंगल की दोपहर सूबा तेहरान के शहर परदेस में वाके खय्याम गर्लज स्कूल की मुतअद्दिद तालिबात को जहर दिया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक उनमें से 35 तालिबात को अस्पताल ले जाया गया। परदेस के अलावा कुम में ये वाकियात गुजिश्ता बरस नवंबर से जारी हैं जिनमें सैंकड़ों बच्चियां मुतास्सिर हो चुकी हैं। जहर खुरानी के ये वाकियात ऐसे वक़्त में सामने आए हैं, जब गुजिश्ता पांच माह से ईरान में एहितजाजी लहर जारी है। ये एहितजाजी लहर गुजिश्ता बरस 16 सितंबर को शुरू हुई थी, जब 22 साला महसा अम्मीनी नामी खातून ईरान की अखलाकी पुलिस की हिरासत में हलाक हो गई थीं। ईरान की हुकूमत के मुताबिक अब तक इन मुजाहिरों में सैंकड़ों अफराद हलाक हो चुके हैं जबकि हजारों मुजाहिरीन को गिरफ़्तार किया जा चुका है। इतवार के रोज मगरिबी ईरान के शहर बरोजरद के गर्लज स्कूल की तालिबात को भी जहर खुरानी के वाकिये के बाद अस्पताल लाया गया। ये गुजिश्ता एक हफ़्ते के दौरान बरोजरद में होने वाला चौथा ऐसा वाकिया था। ईरान के पुलिस चीफ अहमद रजा रादान ने मंगल को कहा था कि जहर देने के मुश्तबा (संदिग्ध) वाकियात की तहकीकात की जा रही है जबकि ईरान की पार्लियामेंट में भी ये मुश्तबा हमले जेर-ए-बहस आए।
सरकारी खबररसां इदारे के मुताबिक इजलास में वजीर-ए-सेहत बहिराम ऐन अललही भी शरीक हुए। बताया गया कि कुम और बरोजरद के हुक्काम तालिबात को जहर देने के वाकियात से निमटने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस चीफ के मुताबिक ताहाल इस मुआमले में कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई, ताहम पुलिस की तर्जीह इस मुआमले की जड़ तक पहुंचना है और जब तक इस बारे में तफसीलात सामने नहीं आतीं, ये तय नहीं कर सकते कि ये मुआमला दाखिली है या बैन-उल-अकवामी।
इतवार को ईरान के नायब वजीर-ए-सेहत यूनुस पनाही ने कहा था कि कुम में बाअज लोगों ने गर्लज स्कूल बंद कराने के लिए तालिबात को जहर दिया है। खबररसां इदारे के मुताबिक यूनुस पनाही का दावा था कि कुम में स्कूल के तलबा को जहर देने के वाकियात बाअज लोगों की इन कोशिशों का हिस्सा हैं, जिसके तहत वो लड़कियों के तालीमी इदारे बंद कराना चाहते हैं। अलबत्ता यूनुस पनाही ने वाजेह नहीं किया था कि वो कौन अफराद या गिरोह हैं जो लड़कियों की तालीम रोकने के लिए तलबा को जहर देने की कार्यवाईयों में मुलव्वस हैं।
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