15 शाअबानुल मोअज्जम 1444 हिजरी
बुध, 8 मार्च 2023
रियाद : आईएनएस, इंडिया
किंग अब्दुल अजीज काम्पलैक्स बराए गिलाफ काअबा के उमूर की एजेंसी ने खाना-ए-काअबा में हज्र-ए-असवद और रुक्न यमानी के अतराफ गिलाफ काअबा के कढ़ाई वाले पोर्चों को तबदील कर दिया है। खाना-ए-काअबा के कोने रुक्न यमानी में लगे कपड़े की जगह कढ़ाई वाले टुकड़ों को सुनहरी सरकंडों के धागों से तबदील किया गया है। तबादले का अमल काम्पलैक्स के इंतिहाई हुनरमंद दर्जी के 6 अफराद ने अंजाम दिया। ये काम 20 दिन के अंदर मुकम्मल किया गया। दस दिन की शरह से दोनों कोनों में गिलाफ काअबा से मिले हुए खुसूसी पोर्चों को तबदील किया गया। ये नए दीदा जे़ब टुकड़े लोगों की बढ़ती तादाद को मद्द-ए-नजर रखकर तैयार किए गए हैं। तवाफ करने वालों को हज्र-ए-असवद और रुक्न यमानी पर सलाम करते हुए कम से कम परेशानी को भी मलहूज रखा गया।
जनरल पे्रजीडैंसी बराए उमूर खाना काअबा और मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में गिलाफ काअबा के लिए किंग अब्दुल अजीज काम्पलैक्स के अंडर सेक्रेटरी जनरल इंजीनियर अमजद अल हाजमी ने बताया कि हज्र-ए-असवद के किनारों और रुक्न यमानी के कोने की कढ़ाई आला तरीन मेयार के मुताबिक की गई है और कढ़ाई में जदीद तरीन तकनीक के साथ खुदकार तरीके को इस्तिमाल किया गया है। अल हाजमी ने मजीद बताया कि किनारों की कढ़ाई के अमल में सुनहरी रंग के सरकंडे के धागे इस्तिमाल किए जाते हैं जिन्हें ताजीमा मशीन में दाखिल डिजाइन के मुताबिक स्याह साटन के कपड़े के टुकड़े पर कढ़ाई में ढाला जाता है।
मस्जिद हराम और मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में मोबाइल फोन बंद रखने की अपील
सदारत आम्मा बराए उमूर हरमैन शरीफैन ने मस्जिद हराम और मस्जिद नबवी () में जाइरीन से मोबाइल फोन बंद करने की अपील की है। इस इकदाम का मकसद इस बात को यकीनी बनाना है कि तमाम जाइरीन हरम शरीफ में सुकून और इत्मिनान से इबादत कर सकें। उनका कहना है कि ये मुकद्दस मुकामात और नमाजियों के एहतिराम के मुनाफी है। उमूर हरमैन शरीफैन ने अपने ट्वीटर अकाउंट के जरीये वजाहत करते हुए कहा कि मोबाइल फोन की आवाज आपके इबादतगुजार भाईयों की तवज्जा में खलल डालती है, लिहाजा इसे बंद करना यकीनी बनाएं।हरमैन शरीफैन का पैगाम आम करने में मीडीया के किरदार की अहमीयत पर जोर
सदारत आम्मा बराए उमूर हरमैन शरीफैन के जनरल सदर अल शेख डाक्टर अब्दुर्रहमान बिन अब्दुल अजीज अल सदीस से हरमैन प्रैजीडैंसी के शोबा इत्तिलाआत के मुशीर फहीम अल हामद ने मुलाकात की। इस मौके़ पर गुफ़्तगु करते हुए डाक्टर अब्दुर्रहमान अल सदीस ने कहा, हरमैन शरीफैन के पैगाम को दुनिया तक पहुंचाने में मीडीया और इसके जराइआ का नुमायां किरदार है। सऊदी अरब की कियादत की तरफ से मस्जिद हराम और मस्जिद नबवी () की तामीर-ओ-तौसीअ के साथ-साथ हरमैन शरीफैन का पैगाम पूरी दुनिया तक पहुंचाने के लिए की जाने वाली मसाई काबिल-ए-तहसीन हैं। मुलाकात में अस्सिटेंट जनरल सदर बराए गर्वनेंस और फैसलासाजी और जनरल सदर के दफ़्तर के निगरान डाक्टर अब्दुल वहाब बिन अबदुल्लाह अलसीर्नी भी मौजूद थे।अलसदीस ने मजीद कहा कि सदारत आम्मा ने हरमैन शरीफैन में जाइरीन नमाजियों को तमाम जदीद सलाहीयतें फराहम की हैं। सदारत आम्मा ममलकत के मुबारक विजन 2030 के मुताबिक मीडीया की तरक़्की और दुनियाभर में हरमैन शरीफैन का पैगाम पहुंचाने के लिए एहदाफ के मुताबिक काम कर रही है। अलसदीस ने मीडीया की बेहतरीन खिदमात फराहम करने के लिए मजीद कोशिशें करने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि हरमैन का पैगाम आगे पहुंचाने के लिए मुकामी और बैन-उल-अकवामी मीडीया को भी अपनी तरफ मुतवज्जा करना चाहिए।
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