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रहमानी 30 की जेईई एडवांस में नुमायां कामयाबी, 57 तलबा व तालिबात ने हासिल की कामयाबी

जेईई मेंस में 193 में 173 स्टूडेंट्स की शानदार कामयाबी के बाद एक और कारनामा
मुसलसल फिफ्टी प्लस रिजल्ट को 100 प्लस में बदलने के लिए रहमानी 30 का नया कदम : मौलाना अहमद वली रहमानी

पटना : आईएनएस, इंडिया 

इंजीनीयरिंग के सख़्त तरीन मुकाबला जाती इम्तेहानात जेईई एडवांस में पिछले सालों की तरह इमसाल भी रहमानी 30 के तलबा तालिबात (स्टूडेंट्स) ने शानदार और नुमायां कामयाबी हासिल की है। 

वाजेह रहे कि आईआईटी यानी इंडियन इंस्टीटियूट आफ टेक्नोलोजी मुल्क का सबसे नुमायां और मुमताज इंजीनीयरिंग का इदारा है, जिसके लिए पहले जेईई मेंस क्वालीफाई करना पड़ता है। रहमानी 30 के 193 में से 173 तलबा-ओ-तालिबात जेईई मेंस में शानदार कामयाबी हासिल करके खुद को जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया था। जेईई मेंस में अब तक रहमानी 30 की कामयाबी का बेहतरीन तनासुब (अनुपात) मजमूई तौर पर 85 फीसद था। कोरोना और लॉक डाउन के सख़्त तरीन चैलेंज के बावजूद अल हम्दो लिल्लाह ये तनासुब 90 फीसद तक पहुंच गया, जो यकीनन एक तारीखी कामयाबी है। जेईई एडवांस्ड में कुल 146 तलबा-ओ-तालिबात ने शिरकत की, जिसमें से 57 तलबा तालिबात क्वालीफाई हुए। कामयाब तरीन कवालीफेक्शन के अलावा आॅल इंडिया रैंक (कटेगरी) 260 रहा और आॅल इंडिया (जनरल रैंक 2375 रहा। तीन मरहलों में कमोबेश एक साल के लॉक डाउन का मुकाबला करने के बावजूद अभ्यानंद की निगरानी में रहमानी 30 के तलबा, असातिजा और जिम्मादारान ने आन लाईन और आॅफ लाइन सुबह व शाम बेपनाह मेहनत की, ये रेजल्ट इसी अनथक काविशों, मेहनतों और लगन-ओ-शौक का नतीजा है। मुस्तकिल (लगातार) कई सालों रहमानी 30 जेईई एडवान्स में 50 से जाइद रेजल्ट देता आ रहा है। अमीर शरीयत अहमद वली फैसल रहमानी की खाहिश है कि इस रिजल्ट को जल्द अज जल्द 100 के नंबर से आगे ले जाया जाए। इसके लिए रहमानी 30 के सीईओ फहद रहमानी ने ऐलान किया है कि जल्द ही नौवीं और दसवीं जमात से ही रहमानी 30 की तैयारी शुरू कराई जाएगी ताकि तलबा तालिबात अपनी बुनियाद को मजबूत कर सकें और वो दसवीं जमात के बाद अपने शौक के मुताबिक शोबा तालीम चुन सके। नौवीं और दसवीं जमात के तलबा-ओ-तालिबात के लिए जल्द ही फार्म शाइआ किया जाएगा। ये तलबा-ओ-तालिबात मजकूरा बाला (उपरोक्त) मुकाबला जाती इमतिहान के जरीया आईआईटी, नीट, सीए, एनआईटी और दीगर आईएनआई इदारों में आला दर्जे की तालीम, मुनासिब तहकीकी सहूलयात और बैन-उल-अकवामी तहकीकी मवाके से फायदा उठा सकते हैं। वाजेह रहे कि आईएनआई इदारे में तालीम अमली तौर पर मुफ़्त या इंतिहाई सबसिडी पर होती है। रहमानी प्रोग्राम आफ एक्सीलेंस (रहमानी 30) के पटना मुतअद्दिद (अनेक) सेंटर्ज के अलावा जहानाबाद (बिहार), हैदराबाद, बैंगलौर, खुल्दाबाद (महाराष्ट्र) जैसे मुख़्तलिफ शहरों में काम कर रहा है, जहां मुल्क के मुतअद्दिद सूबों के अलावा एनआरआई तलबा-ओ-तालिबात भी आला मुकाबला जाती इमतिहानात की तैयारी में मशगूल रहमानी 30 के सरपरस्त मौलाना अहमद वली फैसल रहमानी अमीर शरीयत बिहार, उड़ीसा व झारखंड ने कहा है कि यकीनन ये कामयाबी अल्लाह के फजल व करम से ही मुम्किन हो सकी है। उन्होंने कहा कि अगर हम सबका बाहमी तआवुन (आपसी समन्वय) ना हो तो सिलसिलावार साल दर साल ऐसी तारीखी कामयाबी का हुसूल हरगिज मुम्किन नहीं। रहमानी 30 के सीईओ फहद रहमानी ने इस मौका से तलबा तालिबात को मुबारकबाद पेश करते हुए रहमानी 30 के तमाम मुआवनीन (सहयोगियों), असातिजा कराम, टीम मेंबरान और गार्जियन हजरात का शुक्रिया अदा करते हुए मुफक्किरे इस्लाम (इस्लामी विचारक) हजरत मौलाना मुहम्मद वली साहिब रहमानी अलैहि अलरहमा (बानी रहमानी 30) के खाब को आगे ले जाने का अह्द किया और तमाम लोगों से इस कामयाब रहमानी मिशन से जुड़ने की गुजारिश की।


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