रियाद : सऊदी वजारत हज-ओ-उमरा ने वजाहत की है कि सऊदी अरब में जायरीन की आमद-ओ-रफत के लिए कोई एयरपोर्ट मखसूस नहीं किए गए हैं। उमरा करने वाले हजरात किसी भी इंटरनेशनल या मुकामी एयररपोर्ट से सऊदी अरब में दाखिल और रवाना हो सकते हैं। वजारत हज-ओ-उमरा ने अपने बयान में कवाइद की वजाहत करते हुए कहा कि उमरे के लिए आने अफराद 90 दिनों के लिए ठहर सकते हैं और इस दौरान वो मक्का, मदीना और दीगर सऊदी शहरों में आजादी से आ-जा सकते हैं। वजारत के मुताबिक जाइरीन उमरे के लिए आॅनलाइन वीजे की दरखास्त दे सकते हैं। उमरे के लिए एप्लीकेशन की रजिस्ट्रेशन जरूरी है ताकि जाइरीन की कोरोना वाइरस से हिफाजत को यकीनी बना जा सके। रजिस्ट्रेशन के लिए सऊदी अरब का मौजूदा वीजा लाजिÞमी है।
रियाद : सऊदी वजारत हज-ओ-उमरा ने वजाहत की है कि सऊदी अरब में जायरीन की आमद-ओ-रफत के लिए कोई एयरपोर्ट मखसूस नहीं किए गए हैं। उमरा करने वाले हजरात किसी भी इंटरनेशनल या मुकामी एयररपोर्ट से सऊदी अरब में दाखिल और रवाना हो सकते हैं। वजारत हज-ओ-उमरा ने अपने बयान में कवाइद की वजाहत करते हुए कहा कि उमरे के लिए आने अफराद 90 दिनों के लिए ठहर सकते हैं और इस दौरान वो मक्का, मदीना और दीगर सऊदी शहरों में आजादी से आ-जा सकते हैं। वजारत के मुताबिक जाइरीन उमरे के लिए आॅनलाइन वीजे की दरखास्त दे सकते हैं। उमरे के लिए एप्लीकेशन की रजिस्ट्रेशन जरूरी है ताकि जाइरीन की कोरोना वाइरस से हिफाजत को यकीनी बना जा सके। रजिस्ट्रेशन के लिए सऊदी अरब का मौजूदा वीजा लाजिÞमी है।
