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सिर्फ उन्हीं मुसलमानों को गरबा तकरीब में शिरकत की इजाजत होगी जो मूर्ति पूजा करेंगे : ऊषा ठाकुर


गरबा में आने वाले मुसलमानों के लिए वजीर की अजीब शरायत

भोपाल : आईएनएस, इंडिया 

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह चौहान हुकूमत में वजीर सकाफ़्त (सांस्कृतिक मंत्री) ऊषा ठाकुर के गरबे को लेकर दिए गए बयान पर सियासत शुरू हो गई है। 

ऊषा ठाकुर ने कहा है कि अगर मुसलमान मूर्तियों की पूजा कर सकते हैं और कुरआन उन्हें इसकी इजाजत देता है तो वो गरबा में शिरकत कर सकते हैं। बता दें कि ऊषा ठाकुर ने रियासत में लव जिहाद के बढ़ते वाकेयात के दावे को देखते हुए वार्निंग जारी की थी। उन्होंने कहा कि गरबा में शिरकत करने वालों को गरबा मुकामात में दाखिल होने के लिए शिनाखती सबूत साथ रखना होगा। मीडीया से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि हम तमाम जिÞला मजिस्ट्रेटों से दरखास्त कर रहे हैं कि जो भी गरबा पंडाल में आएं, वो अपने साथ शिनाखती कार्ड लाएं। कोई भी शख़्स अपनी शिनाख़्त छुपा कर गरबा पंडाल में दाखिल ना हो। 

दूसरी जानिब गरबा में जानेवाले मुस्लमानों के बारे में वजीर सकाफ़्त ने कहा कि अगर वो बुतपरस्ती पर यकीन रखते हैं और कुरआन इसकी इजाजत देता है तो उनका इस्तिकबाल है लेकिन वे महज तफरीह के लिए न आएं। गौरतलब है कि गरबा एक रिवायती रक़्स है जो नौ रोजा हिंदू तेहवार नवरात्री के दौरान किया जाता है। इससे कब्ल ऊषा ठाकुर ने कहा था कि आम तौर पर लोग और तमाम मुंसलिक तंजीमें अच्छी तरह जानते हैं कि गरबा पंडाल 'जिहाद' का एक बड़ा जरीया बन गया है। इसको मद्दे नजर रखते हुए हम इस बात को यकीनी बनाना चाहते हैं कि कोई भी अपनी शिनाख़्त छुपा कर गरबा पंडाल में दाखिल ना हो। ये एक नसीहत के साथ-साथ एक तंबीया (चेतावनी) भी है। 

ऊषा ठाकुर के इस बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला किया है। कांग्रेस ने कहा है कि बीजेपी लीडरों की इस तरह की गैर जिम्मादाराना हरकतों की वजह से रियासत में अमन-ओ-अमान की सूरत-ए-हाल बिगड़ गई है। बीजेपी लीडरों को गरबा पंडाल की सिक्योरिटी से कोई सरोकार नहीं है, वो सिर्फ़ सियासी रोटियाँ सेंकने के लिए ऐसा माहौल बना रहे हैं। बीजेपी लीडर समाज को तकसीम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं, जो सरासर गलत है।


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