ऊर्जा बचाने का नया मंसूबा
पेरिस : आईएनएस, इंडिया
पेरिस के मेयर ने मंगल को ऐलान किया है कि फ्रÞांस के दारु हुकूमत (राजधानी) में कायम एफिल टावर की रोशनी को मामूल से एक घंटा पहले बंद कर दिया जाएगा। इस कोशिश से म्यूनसिपल पोल्ज में पानी के दर्जा हरारत (तापमान) को कम करने और इस मौसम (सर्दी) में तवानाई (ऊर्जा) बचाकर अवामी इमारतों की हरारत को कम करने में मदद मिलेगी। इस कदम का मकसद कारोबारों, घरों और म्यूनसिपल हुक्काम की तरफ से बिजली की खपत को 10 फीसद तक कम करने के हदफ (लक्ष्य) की तामील (पूर्ति) करना है। यूरोपभर के ममालिक (मुल्क) मुम्किना (संभावित) ब्लैक आउट की तवक़्को (उम्मीद) में तवानाई की खपत को कम करने और गैस के डिपो भरने के तरीके तलाश कर रहे हैं।
फ्रÞांस रूसी गैस पर इतना इन्हिसार (निर्भर) नहीं करता जितना कि उसके कुछ हमसाया (पड़ोसी) ममालिक पर है, लेकिन नाकारा एटमी री-एक्टरज की रिकार्ड तादाद ने मुल्क को तवानाई दरआमद (आयात) करने पर मजबूर कर दिया है, हालाँकि वो आम तौर पर बरामदात (निर्यात) करता है, जिससे तवानाई की मंडीयों पर दबाव बढ़ता है। मेयर इन ने कहा कि फ्रÞांस हमेशा रोशनी का शहर रहेगा। एफिल टावर फिलहाल मुकामी वक़्त के मुताबिक सुबह एक बजे तक रोशनी के निजाम के साथ रोशन रहता है जो उसे सुनहरी चमक देता है। मुकामी वक़्त के रात 11:45 पर टावर की लाइट्स बंद करने का मतलब है कि तवानाई की खपत में 4 फीसद कमी हो जाए। उन्होंने वजाहत की कि 23 सितंबर से पेरिस में अवामी इमारतों में रात 10 बजे रोशनीयां बंद कर दी जाएंगी, जबकि स्वीमिंग पूल्ज में पानी का दर्जा हरारत 26 डिग्री सेंटीग्रेड से 25 डिग्री सेंटीग्रेड तक गिर जाएगा। सरकारी इमारतों में हरारत 18 डिग्री सेंटीग्रेड तक कम कर दी जाएगी। दार-उल-हकूमत का तवानाई (ऊर्जा) का बिल इस साल 90 मिलियन यूरो तक पहुंच जाएगा, जो मामूल से 35 मिलियन यूरो ज्यादा है, हालाँकि बिजली और गैस के लिए तवील मुद्दती मुआहिदे (एग्रीमेंट) हैं जो हुक्काम को लागत में इजाफे़ के लिहाज से बदतरीन हालात से बचाते हैं।
