नई दिल्ली : आईएनएस, इंडिया
वजीर-ए-आजम नरेंद्र मोदी को तोहफे में दी गई 1,200 से ज्यादा अश्याय (चीजों) की 17 सितंबर से नीलामी की जाएगी। नीलामी से हासिल होने वाली रकम नमामी गंगे मिशन को दी जाएगी।
नेशनल गैलरी आफ माडर्न आर्ट (जहां तहाइफ दिखाए जाते हैं) के डायरेक्टर जनरल ने कहा कि नीलामी वैब पोर्टल के जरीये की जाएगी और ये 2 अक्तूबर को खत्म होगी। उन्होंने बताया कि नीलामी में एक आम आदमी के साथ-साथ हिन्दोस्तान की शानदार सकाफ़्त और विरसे की नुमाइंदगी करने वाले मुख़्तलिफ मोअज्जिजीन की तरफ से पेश किए गए तहाइफ की एक वसीअ रेंज रखी जाएगी। तहाइफ की बुनियादी कीमत 100 रुपय से 10 लाख रुपय तक है। तहाइफ की फेहरिस्त में मध्य प्रदेश के वजीर-ए-आला शिवराज सिंह चौहान की तरफ से तोहफे में दी गई रानी कमलापति की मूर्ती, एक हनूमान की मूर्ती और उतर प्रदेश के वजीर-ए-आला योगी आदित्य नाथ और हिमाचल प्रदेश के वजीर-ए-आला राम ठाकुर की तरफ से तोहफे में दी गई सूर्या पेंटिंग भी शामिल है। नीलामी में कोलहापूर में वाके देवी महालक्ष्मी की मूर्ती भी शामिल है, जिसे एनसीपी लीडर अजीत पवार ने तोहफे में दिया था। इसके साथ साथ आंध्रा प्रदेश के वजीर-ए-आला जगन मोहन रेड्डी की तरफ से तोहफे में दिए गए लार्ड वेंकटेश्वर की दीवार भी नीलामी में शामिल है।
