नई तहरीक : नागपुर
हजरत बाबा ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह के 100वें सालाना उर्सपाक का आगाज 21 अगस्त को सुबह साढ़े नौ बजे दरगाह परिसर में परचम कुशाई की रस्म अदायगी के साथ हुआ। सज्जादानशीं सैय्यद यूसुफ इकबाल ताजी की सरपरस्ती व मदरसा जामिया अरबिया इस्लामिया के संचालक मुफ्ती अब्दुल कदीर खान की सदारत में श्रीमंत पंचम राजे रघुजी भोंसले के हाथों परचम कुशाई के दौरान मौलाना खुर्शीद आलम खान की पुरकशिश अंदाज में तिलावत-ए-कुरआन-ए-पाक की सदा गूंजती रही। जिसके बाद ताजाबाद दरगाह परिसर के डोम में सालना उर्सपाक की इफ्तेताही तकरीब (उदघाटन समारोह) हुआ। मेहमाने खुसूसी हजरत मौलाना सैय्यद मोहम्मद हाशमी मियां (उ.प्र.), केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, विधायक मोहन मते, पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, हजरत बाबा ताजुदÞदीन ट्रस्ट के चेयरमैन प्यारे खान वगैरह मौजूद थे। ट्रस्ट के सेके्रटरी ताज अहमद रजा ने बताया कि उर्सपाक पर जायरीन की सहूलयात के तमाम जरूरी इकदामात कर लिए गए हैं। उर्स 21 अगस्त से 30 सितंबर तक मनाया जाएगा।
निकला शाही संदल
दरबारी शाही संदल 25 अगस्त को सुबह 10 बजे ट्रस्ट दफ्तर से निकला। उर्स के इख्तेताम (समापन) पर 3 सितरंबर को अंतरराष्टÑीय सूफी कान्फें्रस का एहतेमाम किया गया है। उर्स के दौरान जायरीन के लिए हर रोज लंगर तकसीम किया जाएगा।
मेहमानों की हुई दस्तारबंदी
उर्सपाक की इफ्तेताही तकरीब से पहले ताजाबाद में साबिक वजीर शिवाजी राव मेघे, अनीस अहमद व केरल हाईकोर्ट के जज अनंत बदर ने हजरत बाबा ताजुददीन रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर अकीदत के फूल व चारद पेश कर जियारत की। जिसके बाद ट्रस्ट दफ्तर में मेहमानों की दस्तारबंदी की गई। इस दौरा चेरयरमैन प्यारे खान, सेके्रटरी ताज अहमद राज, नायब सदर डा. सुरेंद्र जिचकार, ट्रस्टी फारूख बावला, मुस्तुफा टोपीवाला, इमरान खान, गजेंद्र पाल सिंह लोहिया के अलावा ट्रस्ट के दीगर अहलकार व बड़ी तादाद में जायरीन मौजूद थे।
छोटा कुल शरीफ 26 को
- तयशुदा प्रोग्राम के मुताबिक 26 अगस्त को सुबह 9 बजे छोटा कुल शरीफ की फातिहा होगी। इसी दिन रात 10 बजे नातिया मुशायरे का एहतेमाम किया गया है। 28 अगस्त को सुबह 10 बजे बड़ा कुल शरीफ और 30 अगस्त को रात दस बजे आल इंडिया नात ख्वानी का प्रोग्राम रखा गया है जिसमें हिंदूस्तान के मशहूर नात ख्वा अपने कलाम पेश करेंगे। 1 सितंबर को रात दस बजे आल इंडिया कव्वाली का प्रोग्राम रखा गया है। 3 सितंबर को इंटरनेशनल सूफी कान्फें्रस के साथ हजरत बाबा सैय्यद मोहम्मद ताजुद्दीन औलिया रहमतुल्लाह अलैह का सौवां सालाना उर्स अपने इख्तेताम को पहुंचेगा।
