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मुकतदा अल सदर की अपील पर लाखों मुजाहिरीन बगदाद की सड़कों निकल आए

File photo

बगदाद : आईएनएस, इंडिया

इराकी शीया आलिम मुकतिदा अलसदर के लाखों पैरोकारों ने बगदाद की सड़कों पर जुमा के रोज ताकत का भरपूर मुजाहरा किया। मकबूल शीया रहनुमा मुकतिदा अल सदर के ये हामी उनकी काल पर निकले थे, ताकि सियासी मुखालिफीन पर अपनी धाक बिठा सकें। 

मुकतिदा अलसदर वो शीया रहनुमा हैं जिन्होंने पिछले साल अक्तूबर में होने वाले आम इंतिखाबात में नुमायां कामयाबी हासिल की थी। ईरान की हामी शीया मलेशिया के खातमे और क्रप्ट इराकी सियासतदानों के एहतिसाब (जवाब) का ऐलान कर रखा है। लेकिन मुकतिदा अलसदर ने पिछले माह अपने 74 कानूनसाज को इस्तीफा देने के लिए कह दिया था। वो नहीं चाहते थे कि ईरान की हामी जमातों से अलग रहते हुए हुकूमत बनाएं। लेकिन ईरानी हिमायत याफताह अफराद की बहुत बड़ी तादाद इराकी इदारों में भी हर जगह मौजूद है। इस पस-ए-मंजर में ईरान और अलसदर के हामी कुर्दों के बाहम तकसीम हो जाने की वजह से मुल्क को मुंतखब हुकूमत के बगैर ही दूसरे साल में दाखिल होना पड़ा। इसी वजह से मुल्क को सुबुकदोश होने वाले वजीर-ए-आजम मुस्तफा अल काजमी चला रहे हैं। मुकतिदा अलसदर की कुव्वत ने इराकी हुक्काम के साथ साथ ईरान को भी इस परेशानी में मुबतला कर दिया है कि वो अपनी अवामी मकबूलियत और मजदूर तबके में अपनी बढ़ती हुई हर दिलअजीजी की वजह से हुकूमत को गिराने में कामयाब हो सकते हैं। जुमा के रोज अल सदर के हुमायों में भी इन शीया मजदूरों की बड़ी तादाद सड़कों पर निकली। इन्ही में से एक 42 साला रियाज हुसैनी मजदूर है जो कह रहा था कि हम आज लाखों हैं और मजबूत हैं। ये लोग जुनूबी कस्बे हीला से सफर कर के बगदाद पहुंचे थे। उन मजदूरों ने रात बगदाद की गलीयों और सड़कों के फुटपाथों पर गुजारी। ये लोग सारी रात उस अनततार में रहे कि अलसदर को आते हुए देखेंगे। रियाज हुसैनी ने अपनी तकरीर में मजीद कहा कि अगर अलसदर हमें हुक्म दें कि मुल़्क पर मुसल्लत क्रप्ट जमातों को उतार फैंकें तो चंद घंटों में कर दिखाएँगे। मुकतिदा अलसदर के वफादारों ने जुनूबी और वसती इराक से अलसदर की काल पर जुमा की नमाज अदा करने बगदाद पहुंचे थे। सख़्त गर्मी के बावजूद अलसदर के लाखों हामी जमा थे और उनके इस मुजाहिरे को बराह-ए-रास्त देखा जा रहा था। अलसदर ने उनके दरमयान नमाज-ए-जुमा ना अदा की अगरचे तवक़्को की जा रही थी कि वो मुजाहिरीन के सामने शोला-बयानी करेंगे। अलसदर के बजाय एक और लीडर को खिताब के लिए भेजा गया, जिसने हुकूमत से ईरान की हामी मलेशियाओं को खत्म करने और इराक की दौलत लूटने वाले क्रप्ट सियासतदानों के एहतिसाब का मुतालिबा किया। अलसदर के नुमाइंदा रहनुमा महमूद अल जयाशी ने हुकूमत को मुखातब करते हुए कहा, तौबा का पहला कदम ये है कि इन क्र्रप्ट लोगों को बरतरफ किया जाये और उन्हें सजा दी जाये।


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