Top News

पुण्य की परिभाषा है दूसरों को सुख देना : ब्रह्माकुमार सूर्य भाई


आनंद सरोवर बघेरा में योग साधना कार्यक्रम आयोजित

दुर्ग : माऊण्ट आबू से पधारे वरिष्ठ राजयोगी ब्रह्माकुमार सूर्य भाई ने कहा कि वर्तमान जीवन का आनन्द लेने के लिए सभी को अपने पुण्य का खाता बढ़ाना होगा। उन्होंने पुण्य की परिभाषा बताते हुए कहा कि सभी मनुष्य आत्माओं को मन, वचन और कर्म से सुख देते चलें। सुबह उठते ही खुद को चार्ज करें। परमात्मा को गुड मॉर्निंग करें, यह संकल्प मन में धारण करें कि मैं भाग्यवान की आत्मा हूं, यह संकल्प प्रतिदिन कम से कम 11 या 21 दिन, 21 बार नियमित करें। आप देखेंगे, सोया हुआ भाग्य चमकने लग जाएगा। इसकी वजह यह है कि जो संकल्प आप प्रात: काल उठते ही करेंगे, उसका फल जीवन में दिखाई देने लगेगा।

ब्रह्माकुमार सूर्य भाई प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आनंद सरोवर बघेरा में आयोजित गहन योग साधना कार्यक्रम 'बने फरिश्ता ब्रह्मा जैसे' में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि अहम को छोड़ते चलें व श्रेष्ठ स्वमान, जो भगवान हमें प्रतिदिन दे रहें है, उससे जीवन को ऊंचा उठाते चलें। बहुत सुंदर जीवन जीना है तो रसनाओं के पीछे नहीं भागना है, क्योंकि इच्छाएं मन को कमजोर करती है, तृष्णा का कभी अंत नहीं होता।



तनाव और अवसाद बढ़ता जा रहा

उन्होंने आगे कहा कि समाज में दिन प्रतिदिन तनाव और अवसाद बढ़ता जा रहा है। बिना किसी कारण मनुष्य भयग्रस्त महसूस कर रहा है। यह पूर्व संचित पाप कर्म का परिणाम है जो अनजाने में मनुष्य आत्मा से हुआ है। भय की बीमारी से मुक्त होने के लिए प्रात: आंख खुलते ही यह संकल्प 21 बार 21 दिन तक लिखना है कि ‘मैं शक्तिशाली आत्मा हूं’, ‘मैं निर्भय हूँ’ इसके चमत्कारिक परिणाम आपको कुछ ही दिनों में दिखना प्रारंभ हो जाएगा।

माऊण्ट आबू की ही ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने कहा कि भगवान में ऐसा निश्चय चाहिए, जैसे छोटे बच्चे को अपने माता-पिता पर होता है। छोटे बच्चे को जब उनके माता-पिता आकाश की ओर उछालते हैं तो वह किलकारी मारकर और जोर से खुश होता है क्योंकि जिन हाथों ने उन्हें थामा है, उसमें मेरा अहित नहीं होगा, इस बात का निश्चय व विश्वास होता है जबकि एक ओर बड़ा डर दूसरी ओर विश्वास होता है, तो जब भी जीवन में ऐसा क्षण आए, उस समय ये बात याद रखना जिसने तीनों लोकों को थाम कर रखा है, मैने उनके हाथों में जीवन दिया है तो मेरा जीवन भी सुरक्षित है।

इससे पहले ब्रह्माकुमारीज दुर्ग की संचालिका रीटा बहन ने सभी साधकों का स्वागत किया। ब्रह्माकुमार सूर्य भाई, रीटा दीदी, गीता दीदी, एमके चंद्राकर (पूर्व प्रबंध संचालक छग बीज प्रमाणीकरण संस्था) और ब्रह्माकुमार रूपेश भाई ने दीप प्रज्वलित कर गहन योग साधना शिविर का शुुभारम्भ किया। शिविर में शहर के सभी सेवा केन्द्रों व आसपास ग्रामीण अंचल के लोगों ने शिरकत की। 

Post a Comment

if you have any suggetion, please write me

और नया पुराने