रियाद : सदारत आम्मा बराए उमूर हरमैन शरीफैन की तकनीकी और आॅपरेशनल उमूर, देखभाल और सहूलयात की जिÞम्मेदार एजेंसी ने मस्जिद-ए-हराम में एक एंटी बैक्टीरियल एयर स्टरलायजेशन और प्यूरीफीकेशन सिस्टम प्रोजेक्ट लागू किया है। इसकी वजाहत अंडर जनरल बराए तकनीकी, आॅपरेशनल, मेंटेंन्स एंड फेसीलिटीज मैनेजमंट इंजीनर सुलतान बिन अलकरशी ने करते हुए बताया कि इस मंसूबे का मकसद एक ही वक़्त में परफ़्यूमिंग और एन्टी बैक्टीरियल जरासीम कुशी करना है, शाह फहद के दौर की दूसरी सऊदी तौसीअ में एयर कंडीशनिंग सिस्टम के जरीये जदीद तरीन इलैक्ट्रॉनिक टैक्नोलोजीज का इस्तिमाल करते हुए उसे हर तरह के जरासीम से पाक करना है।
उन्होंने कहा कि ये मन्सूबा जो दुनियाभर में मुनफर्द है, इसका मकसद तमाम जाइरीन, उमरा जाइरीन और एतिकाफ के लिए बैक्टीरियल तनाव और फिजाई जरासीम कुशी पर तवज्जा मर्कूज करते हुए सेहतमंद माहौल पैदा करना है। एक अनोखी खुशबू वाली खुशबू के जरीये मस्जिद हराम के अंदरूनी माहौल को खुशगवार बनाना है। अलकरशी ने कहा कि इस मंसूबे का काम का तरीका-ए-कार जरूरी तेलों के लिए जदीद तरीन किस्म के फीवमेगेशन डिवाईसेज का इस्तिमाल करना है और उन्हें इंजीनीयरिंग तरीकों से एयर कंडीशनिंग आउटलेट्स से जोड़ना और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन आफ मेंटेंन्स एंड आॅप्रेशन की बराह-ए-रास्त निगरानी में इस बात को यकीनी बनाने के लिए इलेक्ट्रो मैकेनीकल और इलेक्ट्रो इलेक्ट्रॉनिक इंजीनीयरिंग फाउंडेशंज के मुताबिक काम का मेयार बरकरार रहे। इस मकसद के लिए मस्जिद हराम में इसके 205 डिवाईसेज इस्तिमाल की गई हैं और उन्हें मस्जिद हराम में मुख़्तलिफ मुकामात पर नस्ब किया गया है। मस्जिद हराम के तहखाने में 27 डिवाईसेज, ग्राउंड फ़्लोर 100 डिवाईसेज, पहली मंजिÞल पर 73 डिवाईसेज लगे हंै। ये आलात पांचों नमाजों के औकात (पहले और बाद) में तकरीबन सोलह घंटे काम करते हैं।
