रियाद : जब जाइरीन या नमाजी मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में दाखिल होते हैं, तो उनकी तवज्जा मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के दरवाजों की तरफ मबजूल (आकर्षित) होती है। मस्जिद खैरुल अनाम सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के दरवाजों की खूबसूरत जीनत जाइरीन को अपनी तरफ खींच लेती है, जबकि उनकी जबानों पर दुरूद-ओ-सलाम की सदाएँ होती हैं। मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के उमूर की जनरल पे्रजीडेंसी एजेंसी जिसकी नुमाइंदगी दरवाजे की जनरल एडमिनिस्ट्रेशन करती है, वक्तन-फ-वक्तन ऐसे प्रोग्रामों के साथ दरवाजों की तवज्जा और देख-भाल के अमल के लिए एक मन्सूबा मुरत्तिब करती है जिससे आला तरीन मयारात के मुताबिक दरवाजों की सफाई और देख-भाल को यकीनी बनाया जाता है।
मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के दरवाजों की तादाद 100 है। हर दरवाजे की चौड़ाई 3 मीटर, ऊंचाई 6 मीटर और मोटाई 13 सेंटीमीटर से ज्यादा है, जबकि हर दरवाजे का वजन तकरीबन एक चौथाई टन के बराबर है। गेटस का जनरल डिपार्टमेंट मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में जाइरीन और नमाजियों के दाखिले और बाहर निकलने के लिए जरूरी देख-भाल और खिदमात की निगरानी और उनकी खिदमत के लिए तमाम-तर कोशिशों को ब-रू-ए-कार लाने की जिÞम्मेदार है ताकि जाइरीन और नमाजियों को मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में दौरान इबादत हर मुमकिन राहत और सुकून फराहम किया जा सके। जनरल एडमिनिस्ट्रेशन जाइरीन और नमाजियों की मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में आमद पर खिदमात की सहूलत फराहम करने की खाहिशमंद है और कारकुनों पर जोर देती है कि वो जाइरीन का मुनासिब तरीके से इस्तिकबाल करें और मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम में उनके दाखिले और बाहर निकलने के अमल को आसान बनाएँ। इंतिजामीया ने मुलाजमीन और मुबस्सिरीन को भी चौबीस घंटे मस्जिद नबवी सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम के दरवाजों को खुला रखने के साथ इस बात को यकीनी बनाती है ताकि मस्जिद में खाने पीने की अश्या बगैर इजाजत के अंदर ना लाई जा सकें।
