दुबई : मुत्तहदा अरब अमीरात दुबई में मुकीम इंडियन शहरी तारिक महमूद खालिद महमूद ने दयानतदारी की मिसाल कायम की है। हिन्दुस्तानी शहरी तारिक महमूद को रिहायशी इमारत की लिफ़्ट में एक बैग मिला जिसमें दस लाख दिरहम थे। तारिक ने नोटों से भरा बैग पुलिस के हवाले कर दिया। अल अमीरातुल यौम के मुताबिक अलबरशा पुलिस स्टेशन के डायरेक्टर ब्रिगेडीयर अबदुर्रहीम बिन शफी ने बताया कि हिन्दुस्तानी शहरी तारिक महमूद रकम का बैग लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा और पुलिस हुक्काम के हवाले कर दिया। ब्रिगेडीयर अबदुर्रहीम ने इंडियन शहरी की ईमानदारी पर उसके एजाज में तकरीब का इनइकाद किया। अलबरशा पुलिस स्टेशन के डायरेक्टर ने कहा कि इंडियन शहरी ने जो कुछ किया, वो मुत्तहदा अरब अमीरात के इस मुआशरे की कदरों का खूबसूरत इजहार था, जिसका वो खुद भी एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि तारिक महमूद के एजाज में तकरीब के इनइकाद से ये पैगाम जाता है कि दुबई की सरजमीन पर मौजूद हर फर्द यहां अमन-ओ-अमान के तहफ़्फुज के हवाले से अपने किरदार का पाबंद है।
स्पेन : डाकिए के घर 20 हजार से जाइद खुतूत, जो कभी डीलीवर ही नहीं हुए
मैड्रिड : स्पेन में एक डाकिए के घर से थैलों में भरे हुए 20 हजार से ज्यादा खुतूत मिलने का इन्किशाफ हुआ है, जो कभी डीलीवर ही नहीं किए गए। बर्तानवी अखबार 'दी गार्जियन’ के मुताबिक पुलिस ने स्पेन के शहर से डाकिए को गिरफ़्तार किया है। ये खुतूत एक दहाई कब्ल पोस्ट किए गए थे। मुकामी पुलिस मामले की तफतीश कर रही है। खुतूत डाकिए के घर में कूड़े के थैलों में पाए गए। ये वो खुतूत थे जो डाकिए ने मतलूबा अफराद तक नहीं पहुंचाए थे। ये इन्किशाफ उस वक़्त हुआ जब 62 बरस के डाकिए ने अपना घर फरोखत किया। पुलिस ने डाकिए का नाम नहीं जाहिर नहीं किया है। जब मकान की तजईन और आराइश के लिए तामीराती अमला डाकिए के घर पहुंचा तो उनको पूरे मकान में कूड़े के बिखरे हुए थैले मिले। तामीराती अमले को कूड़े के थैलों से एक दहाई कब्ल के खुतूत मिले। पुलिस का कहना है कि उनको सबसे पहले शक साबिक मालिक मकान पर हुआ था। गुजिशता हफ़्ते पुलिस ने डाकिए को गिरफ़्तार किया और उस पर दस्तावेजात की हिफाजत ना करने पर धोका दही का इल्जाम आइद किया है। खुतूत के ये पुलंदे स्पेन के पोस्ट आॅफिस के हवाले कर दिए गए हैं। इन खुतूत को उनके पतों पर भेजने के हवाले से हतमी फैसला अदालत करेगी।
जापान ने कुत्तों की सैर-ओ-तफरीह के लिए बनाई खुसूसी बुलेट ट्रेन
टोकीयो : जापान की बुलेट ट्रेनों में आम तौर पर कुत्तों को पिंजरे में बंद हो कर सफर करना पड़ता है, लेकिन सनीचर के रोज पालतू जानवरों के लिए खुसूसी ट्रेन चलाई गई ताकि वो बाहर के मुनाजिर से लुत्फ अंदोज हो सकें। फ्रÞांसीसी न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक टोकीयो में रेलवे स्टेशन से 21 कुत्ते अपने मालिकान के साथ एक तफरीही मुकाम तक जाने के लिए सवार हुए। यूकारी सैनू ने अपनी गोद में मौजूद पालतू कुत्ते पर हाथ फेरते हुए कहा कि हम बहुत लुत्फ अंदोज हो रहे हैं। हम अक्सर इकट्ठे सफर करते हैं, लेकिन अपने कुत्ते को पिंजरे में बंद रखने पर मुझे बुरा महसूस होता था। यूको ओकोबो का कहना था कि यहां घर जैसा माहौल है। मुझे खुशी है कि हम किसी परेशानी के बगैर सफर कर सकते हैं। रेलवे अहलकार ने कहा कि हम मुस्तकबिल में इस तरह की मजीद ट्रेनें मुतआरिफ करवाना चाहते हैं। हमें लोगों की तरफ से दरखास्तें मौसूल हुईं कि वो ट्रेन पर अपने कुत्तों के साथ पुरसुकून वक़्त गुजारना चाहते हैं। हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं जहां अपने कुत्तों के साथ हम-आहंगी से रह सकें जो उनके खानदान का हिस्सा हैं। ये जानवर दोस्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जानिब पहला बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि जापान की ट्रेनों में सब से बड़ा मसला उन्हें साफसुथरा रखना है और इस काम के लिए भी यही बड़ा चैलेंज था। उसके लिए स्टाफ ने तमाम नशिस्तों पर प्लास्टिक शीट्स लगाऐं और माहौल को साफ रखने वाले आलात नसब किए हैं।
