रियाद : सऊदी अरब ने ममलकत में मुख़्तलिफ मुकामात पर मौजूद सयाहती (पर्यटन) और सकाफ़्ती विरसे (सांस्कृतिक धरोहर) के हामिल मुकामात सय्याहों (पर्यटकों) के लिए खोलने का ऐलान करते हुए इन मुकामात के विजिट के वक्त की तफसील भी जारी कर दी है।
सऊदी हैरीटेज अथार्टी ने मुख़्तलिफ खित्तों में सकाफ़्ती विरसे के मुकामात को मुआशरे के तमाम तबकात से ताल्लुक रखने वाले सय्याहों के लिए खोलने का ऐलान किया है ताकि उन्हें इन मुकामात की तारीख और उनमें मौजूद अहम तारीखी विरसे की तफसीलात से आगाह किया जा सके। सयाहत और जियारत के लिए खोले गए मुकामात में तबूक में जिबह का तारीखी शाह अब्दुल अजीज किला शामिल है जो हफ़्ते से जुमेरात सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक और जुमा को 3:30 बजे से शाम 8 बजे तक सय्याहों के लिए खुला रहेगा जबकि तबूक में मुगाइर शुऐब हफ़्ता से जुमेरात तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जाइरीन के लिए खुला रहेगा। जुमा के रोज तीन से शाम छ: बजे तक सय्याह वहां जा सकते हैं। हाइल के इलाके में तीन तारीखी मुकामात हैं जिन्हें जाइरीन के लिए खोला गया है। उनमें 'जब्ले अम सन्मान (आलमी सकाफ़्ती विरसा की जगह), आसारे-ए-कदीमा का किला फैद और एराफ को सय्याहों के लिए खोला गया है। यहां सय्याह हफ़्ते से जुमेरात के अय्याम में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे आ सकते हैं जबकि जुमा को सह पहर साढे़ तीन से रात आठ बजे तक ये मुकामात खुले रहेंगे। इसके अलावा कसीम गवर्नरी में भी कई सयाहती और तारीखी मुकामात मौजूद हैं। अलकसीम में मुख़्तलिफ तारीखी मुकामात में सय्याहों की आमद के औकात मुख़्तलिफ हैं।
अलशनाना महल इतवार से सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहेगा। जुमा और हफ़्ता शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक उसे खोला जाएगा। बैतुल बसाम और अल मुस्कफ मार्केट हफ़्ते से जुमेरात तक सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक और जुमा 3:30 बजे से रात 8 बजे तक खुले होंगे। अलखबराई का हैरीटेज टाउन, उयून अलजवा हैरीटेज टाउन और अलमजनब हैरीटेज टाउन हफ़्ता से जुमेरात सुबह 9 बजे से 12 बजे तक, फिर शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक और जुमा को 3:30 बजे से रात 8 बजे तक सय्याहों के लिए खुले होंगे। अलजोफ के इलाके में तारीखी विरसे के दर्जनों मुकामात में अलक्रियात में किला काफ, सकाका में आसारे-ए-कदीमा मर्कज, किला जाबुल, आमदा अलजार्जेल, दूम अलजंदल में तारीखी सकाफ़्ती मुकाम में मस्जिद उमर बिन अल खत्ताब, किला मारद और दूम अल जनदल बाजार शामिल हैं। वहां जाइरीन और सय्याहों को हफ़्ता भर सुबह नौ बजे से दिन बारह बजे और शाम साढे़ चार बजे से सात बजे तक दाखिले की इजाजत होगी। विरसे के मुकामात की फेहरिस्त में सऊदी अरब के मुतअद्दिद मुकामात शामिल हैं, जिनमें जाजान में उल्दू सरिया किला, अलाखदोद का आसारे-ए-कदीमा का मुकाम, अम्मारा का तारीखी महल, नजरान में हुमा कल्चरल डिस्ट्रिक्ट, अलाहसा में अलबीअह, अमीरिया स्कूल, रिजाल गांव और जराशि के आसारे-ए-कदीमा, और असीर में हैरीटेज हाउस अलनमास। सभी इतवार से सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक और जुमा 3:30 बजे से शाम 6 बजे तक जाइरीन का इस्तिकबाल करेंगे। अलबाहा में जीएन सकाफ़्ती मर्कज हफ़्ता सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक और जुमा को 3 बजे से शाम 6 बजे तक सय्याहों के लिए अपने दरवाजे खुले रखेगा। मदीना मुनव्वरा में 'मस्जिद सुकिया को इतवार से जुमेरात तक सुबह दस बजे से शाम छ: बजे तक जबकि जुमा और हफ़्ता को पाँच बजे से रात नौ बजे तक सय्याहों के लिए खोला जाएगा। अलर्याज के इलाके में वाके किसरा अल्लामा राह को इतवार से जुमेरात तक सुब्ह नौ बजे से शाम पाँच बजे तक जबकि जुमा और हफ़्ते के रोज दिन दो बजे से रात आठ बजे तक खोला जाएगा। अलर्याज में वाके शकरा गांव और इश्केर गांव को इतवार से जुमेरात तक सुब्ह नौ बजे से दिन 12 बजे तक और शाम को 4 बजे से रात 10 बजे तक जबकि जुमा और हफ़्ता को एक से रात दस बजे तक खोला जाएगा
