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गजा में 7 अक्टूबर से अब तक 25 टन वजन के बराबर हो चुकी बमबारी

लंदन : आईएनएस, इंडिया 

गजा की पट्टी पर इसराईली फौज की तरफ से गिराए गए बमों से होने वाला नुक़्सान दूसरी जंग-ए-अजीम के दौरान जापान के शहर हीरोशीमा में होने वाले नुक़्सान से ज्यादा है। ये मुवाजना (तुलना, कंपेरीजन) मलाईशीया के वजीर-ए-आजम अनवर इब्राहीम ने अपने जापानी हम मन्सब फूमियो कशीदा के हमराह इतवार को एक प्रेस कान्फें्रस में किया। मलाईशीया के वजीर का ये मुवाजना कोई मुबालगा आराई (अतिश्योक्ति) नहीं है। इसकी तस्दीक यूरो, मेडीटेरेनेयन हियूमन राइट्स आॅब्जर्वेटरी की एक रिपोर्ट से •ाी हुआ है। आब्जर्वेटरी ने सोशल मीडिया पर एक ट्वीट में वजाहत की कि गजा पर गिराए गए बम हीरोशीमा के धमाके की ताकत से 1.5 गुना ज्यादा थे। 
गजा में 7 अक्टूबर से अब तक 25 टन वजन के बराबर हो चुकी बमबारी


    उन्होंने मजीद कहा कि 7 अक्तूबर से 2 नवंबर के दरमियान गजा पर 25 टन बम गिराए गए जबकि दूसरी जंग-ए-अजीम के दौरान हीरोशीमा पर 15 टन बम गिराए गए थे। यूरो, मेडीटेरेनेयन आॅब्जर्वेटरी के मुताबिक कल तक बम धमाके में 9,681 अफराद मारे जा चुके हैं। उनमें 4,053 बच्चे और 2,570 खवातीन शामिल हैं, जबकि 26,990 जखमी हुए और 2,219 लोग मलबे तले दबे हुए हैं। बमबारी के नतीजे में तकरीबन पंद्रह लाख अफराद बे-घर हो गए, 84,100 मकानात मुकम्मल तबाह हो गए, 146,100 मकानात को नुक़्सान पहुंचा, दर्जनों इमारतों के अलावा स्कूल, हस्पताल को •ाी नुकसान पहुंचा है। 
    75 साल पहले हीरोशीमा पर एक खौफनाक नया हथियार लॉन्च किया गया था जिसने शहर को सफा हस्ती से मिटा दिया। एक अंदाजे के मुताबिक 70,000 अफराद फौरी तौर पर हलाक और दसियों हजार खौफनाक तौर पर जखमी हुए थे। एक ख्याल के मुताबिक हीरोशीमा के 350,000 बाशिंदों में से तकरीबन 140,000 उस धमाके के सबब हलाक हुए थे। नागासाकी में कम अज कम मजीद 74,000 हलाक हुए। 

शहीद होने वाले बच्चों की तादाद 4000 से पार 

गजा में जंग बंदी के लिए मगरिबी ममालिक (पश्चिमी मुल्कों) में बड़ी एहितजाजी रैलीयां निकाली गई। उसी बीच गजा की वजारत-ए-सेहत के मुताबिक इसराईली बमबारी में हलाक होने वाले फलस्तीनीयों की तादाद 9770 तक पहुंच गई है, जिनमें 4000 से जाइद बच्चे शामिल हैं। इसराईली जंगी तय्यारों ने गुजिश्ता दिनों गजा पट्टी में पनाह गजीनों के एक कैंप पर बमबारी की, जिसमें कम अज कम 45 फलस्तीनी हलाक और दर्जनों जखमी हो गए हैं। ताजा इत्तिलाआत के मुताबिक गुजिश्ता शब हलाक होने वालों में से 21 अफराद का ताल्लुक एक ही खानदान से है। ये हमला एक ऐसे वक़्त में किया गया, जब इसराईल ने कहा है कि वो हम्मास को कुचलने के लिए अपनी जंगी कार्यवाहीयां जारी रखेगा। हम्मास के जेरे कंट्रोल गजा की वजारत-ए-सेहत ने कहा है कि तकरीबन एक माह से जारी जंग के दौरान 9770 से जाइद फलस्तीनी हलाक हो चुके हैं, जिनमें ज्यादा तादाद बच्चों, बूढ़ों और खवातीन की है। तकरीबन एक माह से जारी इस जंग में फलस्तीनी जखमीयों की तादाद तकरीबन 26 हजार बताई जा रही है। गजा के अलावा मकबूजा मगरिबी किनारे में •ाी इसराईली फोर्सिज और फलस्तीनीयों के माबैन मुसलसल झड़पें जारी हैं। 
    सात अक्तूबर के बाद मगरिबी किनारे में अब तक 152 अफराद हलाक हो चुके हैं जबकि जखमीयों की तादाद 2100 बनती है। सात अक्तूबर को हम्मास के दहशत गरदाना हमले में 14 सौ से जाइद इसराईली हलाक हो हुए थे। जखमी इसराईलों की तादाद 5600 के करीब है। 
    अमरीकी वजीर-ए-खारजा ने मगरिबी किनारे के एक हंगामी दौरे में फलस्तीनी सदर महमूद अब्बास से मुलाकात की है। फलस्तीनी सदर ने अरब ममालिक का मौकिफ अपनाने हुए फौरी जंग बंदी के साथ गजा में इन्सानी हमदर्दी की बुनियाद पर इमदाद की फराहमी का मुतालिबा किया है। ताहम अमरीकी वजीर-ए-खारजा ने फौरी जंग बंदी की हिमायत नहीं की है और वो तुर्की के दौरे पर रवाना हो गए। इसराईल ने बताया है कि जंग के आगाज से अब तक हलाक होने वाले इसराईली फौजीयों की तादाद बढ़कर 346 तक पहुंच गई है। इसराईली वजीर-ए-आजम के दफ़्तर के मुताबिक मुल्की वजीर सकाफ़्त की हुकूमती इजलासों में शिरकत गैर मुअय्यना (तयशुदा) मुद्दत के लिए मुअत्तल कर दी गई है। उन्होंने एक इंटरव्यू में गजा पर एटमी बम गिराने का मश्वरा दिया था, जिसके बाद उनके इस बयान पर बैन-उल-अकवामी सतह पर तन्कीद का सिलसिला शुरू हो गया था। इस अल्ट्रा नेशनलिस्ट सियास्तदान ने कोलब्रामा रेडीयो को बताया कि वो फलस्तीनी इलाके में इसराईल की जवाबी कार्यवाईयों के पैमाने से मुकम्मल तौर पर मुतमइन नहीं हैं। इस बयान के खिलाफ शदीद एहतिजाज के बाद वजीर सकाफ़्त ने सोशल मीडिया पर लिखा एटम बम के बारे में उनका बयान इसतिआराती था। 
    याद रहे कि इसराईल ने क•ाी •ाी एटमी बम रखने का एतराफ नहीं किया। दूसरी जानिब सदर महमूद अब्बास और सऊदी अरब ने इसराईली वजीर के इस बयान को शदीद तन्कीद का निशाना बनाया है। सऊदी बयान में कहा गया है कि इसराईली वजीर के तबसरों से इसराईली हुकूमती अरकान में मौजूद इंतिहा पसंदी और बरबरीयत जाहिर होती है। 

अमरीकी तारीख में सबसे बड़ी रैली

गजा में इसराईली फोर्सिज की फिजाई और जमीनी कार्यवाईयों के दरमयान जंग बंदी के लिए दुनिया-•ार में आवाजें बुलंद होती जा रही हैं। इस हवाले से वाशिंगटन में एक एहितजाजी रैली निकाली गई, जिसमें तकरीबन तीन लाख अफराद शरीक हुए। ये अमरीकी तारीख में फलस्तीनीयों के हक में निकाली गई सबसे बड़ी रैली थी। गुजिश्ता रोज लंदन में •ाी जुलूस निकाला गया, जिसमें फलस्तीनीयों के तकरीबन तीस हजार हामी शरीक हुए। इसी तरह पैरिस, स्पेन, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और तेहरान में •ाी बड़ी रैलीयों का इनइकाद किया गया।

दो हजार तलबा और महकमा तालीम के 70 मुलाजिम शहीद, 200 स्कूल तबाह

गजा : फलस्तीनी वजारात-ए-तलीम के तर्जुमान सादिक अलखजोर ने बताया कि गजा की पट्टी में इसराईली जारहीयत के दौरान अब तक 2000 तलबा और महिकमा तालीम के 70 से जाइद मुलाजिम शहीद हो चुके हैं। साथ ही 200 स्कूल तबाह हो चुके हैं। अकवाम-ए-मुत्तहिदा के सेक्रेटरी जनरल ने खूँरेजी के खौफनाक खाब को खत्म करने के लिए दुबारा जंग बंदी का मुतालिबा किया। गुजिश्ता जुमे को इसराईल ने गजा की पट्टी में मोबाइल फोन और इंटरनेट सर्विस बंद कर दी थी। इसके साथ महसूर इलाके पर शदीद बमबारी की जिसके नतीजे में बड़ी तादाद में आम शहरी मारे गए। इंटरनेट सर्विसेज की बंदिश के साथ इसराईली फौज ने गजा की पट्टी में शदीद बमबारी करते हुए अपने टैंक और बकतरबंद गाड़ियां गजा में दाखिल की हैं। 


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