9 शाअबानुल मोअज्जम 1444 हिजरी
2 मार्च 2023
2 मार्च 2023
श्रीनगर : आईएनएस, इंडिया
वादी कश्मीर में बादाम के दरख़्तों पर कब्ल अज वक़्त शगूफे फूटने से शोबा बागबानी से वाबस्ता किसान तबके में परेशानी फैल गई है। माहिरीन का कहना है कि मेवा दरख़्तों पर कब्ल अज शगूफे फूटने से शोबा बागबानी को नुक़्सान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इसकी वजह माह फरवरी में ही दिन और रात का दर्जा हरारत (तापमान) मामूल से ज्यादा रिकार्ड होना है। हार्टीकल्चर आॅफिसर श्रीनगर इफ़्तिखार हुसैन ने बताया कि फरवरी में ही दर्जा हरारत बढ़ गया जिसकी वजह से शगूफे कब्ल अज वक़्त ही फूटने लगे। उन्होंने कहा कि अगर दर्जा हरारत पहले ही तेज हो गया तो मेवा दरख़्तों पर पहले ही शगूफे फूटेंगे जिससे इस शोबे को नुक़्सान से दो-चार होना पड़ सकता है। वादी के मुअर्रिफ माहिर मौसमियात फैजान आरिफ ने कहा कि माह फरवरी में बर्फ होती थी इस साल इस माह के दौरान बर्फ व बारा ना होने के बराबर रिकार्ड किया गया और दूसरी तरफ इस महीने के दौरान दिन और रात का दर्जा हरारत मामूल से ज्यादा रिकार्ड किया गया जिसकी वजह से शगूफे कब्ल अज वक़्त ही फूटने लगे। उन्होंने कहा कि कब्ल अज वक़्त दर्जा हरारत बढ़ने से कई चीजों पर मनफी (नकारात्मक) असरात मुरत्तिब हो सकते हैं। उनका कहना था कि माह मार्च में तेज बारिशें, तेज हवाएं चलना और जाला बारी होना एक मामूल है जब फरवरी में ही शगूफे फूटे होंगे तो वो तबाह होंगे जिसका बराह-ए-रास्त असरात मेवा पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आम तौर पर माह मार्च का आधा हिस्सा खत्म होने के बाद दरख़्तों पर शगूफे फूटते हैं। उन्होंने कहा कि दर्जा हरारत मामूल से ज्यादा दर्ज होने से वादी में पानी की कमी होने का भी खतरा है जिससे धान फसल की पैदावार मुतास्सिर हो सकती है।nai tahreek, naitahreek, tahreek, tahreeke nav
वादी कश्मीर में बादाम के दरख़्तों पर कब्ल अज वक़्त शगूफे फूटने से शोबा बागबानी से वाबस्ता किसान तबके में परेशानी फैल गई है। माहिरीन का कहना है कि मेवा दरख़्तों पर कब्ल अज शगूफे फूटने से शोबा बागबानी को नुक़्सान हो सकता है।
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