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| नई तहरीक : तुरकिया व सीरिया में भूकंप |
9 शाअबानुल मोअज्जम 1444 हिजरी
2 मार्च 2023
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दुबई : आईएनएस, इंडिया
एक रिपोर्ट में ये खुलासा भी हुआ है कि तुर्की और शाम में आए जलजले से मुतास्सिरीन के लिए इमदाद के नाम पर बड़े पैमाने पर धोकाबाज सोशल मीडीया पर लोगों को लूट रहे हैं। शोब्देबाज टिकटाक और टवीटर पर जलजले के मुनाजिर पर मबनी जजबाती वीडीयोज के साथ ‘तुर्की के लिए दुआ करें और जलजले से मुतास्सिरा अफराद के लिए अतीया करें’ कहते हुए लोगों को मुतवज्जा कर रहे हैं। बीबीसी और ब्लिपिंग कम्पयूटर नामी साइबर सिक्योरिटी पर काम करने वाली वेबसाइट की एक मुशतर्का (सााा) रिपोर्ट में बताया गया है कि ये तसावीर और वीडीयोज हकीकत पर मबनी या हालिया जलजले से मुताल्लिक नहीं हैं। धोखेबाज इमदाद के नाम पर इस तरह रकम लेकर अपने अकाउंट्स भर रहे हैं। रिपोर्टस में आॅनलाइन फ्राड को कई मिसालों से साबित किया गया है। एक वीडीयो में हल्की नीली टोपी पहने बच्चे को दिखाया गया है जो धमाके के बाइस खौफ और परेशानी से भाग रहा है। लाईव स्ट्रीम के मेजबान ने पैगाम लिखा कि बराह-ए-करम हमारी मदद करें। जबकि उस बच्चे की तस्वीर हालिया जलजले की नहीं है। तहकीक के लिए जब उस तस्वीर को रिवर्स इमेज से सर्च किया गया तो मालूम हुआ कि यही तस्वीर इससे कब्ल 2018 में टोइटर पर पोस्ट की जा चुकी है और उस पर शाम के शहर आफरीन में जंग के असरात के हवाले से उनवान लिखा हुआ था 'आफरीन में नसल कुशी बंद करो।’ धोकेबाज ट्वीटर को भी जजबाती पैगामात शेयर करने के लिए इस्तिमाल कर रहे हैं और साथ ही सारिफीन से चंदा तलब करने के लिए लिनक्स शेयर कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एक ऐसे ही अकाउंट से फायर फाइटर की एक तस्वीर बार-बार शेयर की गई, जिसने एक छोटे बच्चे को मुनहदिम होती इमारतों के दरमयान से रेस्क्यू किया था। उस तस्वीर को 12 घंटों में 8 बार पोस्ट किया गया था हालांकि उस अकाउंट से इस्तिमाल की जाने वाली ये तस्वीर हकीकी नहीं है। एक यूनानी अखबार ने रिपोर्ट किया है कि उस तस्वीर को सॉफ्टवेअर मिड जर्नी की मदद से बनाया गया था। फ्राड की एक और मिसाल तुर्की रीलीफ नाम का अकाउंट है। ये अकाउंट टवीटर पर जनवरी में बनाया गया और उसके महज 31 फालोवरज हैं जिस पर लगातार डोनशन की अपील की जा रही है। nai tahreek, naitahreek, tahreek, tahreeke nav



