रियाज : एजेंसी बराए उमूर मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने बुजुर्ग और माजूर अफराद की खिदमत के लिए मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) में 1000 से जाइद व्हील चेयर और 10 हजार से जाइद फिक्स्ड कुर्सियाँ फराहम कीं है। ये इकदाम मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) में पेश किए जानेवाले इन्सानी आमाल व खिदमात का एक हिस्सा है। एजेंसी के तवस्सुत से इन्सानी हमदर्दी की बुनियाद पर फराहम की जाने वाली खिदमात के तहत, यौमिया (प्रतिदिन) नौ सौ से जाइद माजूर (लाचार) अफराद मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की खिदमात से मुस्तफीद होते हैं। उनके लिए मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के अंदर और बैरूनी सेहनों में नमाज की जगहें मुखतस की जाती हैं।
रियाज : एजेंसी बराए उमूर मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) ने बुजुर्ग और माजूर अफराद की खिदमत के लिए मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) में 1000 से जाइद व्हील चेयर और 10 हजार से जाइद फिक्स्ड कुर्सियाँ फराहम कीं है। ये इकदाम मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) में पेश किए जानेवाले इन्सानी आमाल व खिदमात का एक हिस्सा है। एजेंसी के तवस्सुत से इन्सानी हमदर्दी की बुनियाद पर फराहम की जाने वाली खिदमात के तहत, यौमिया (प्रतिदिन) नौ सौ से जाइद माजूर (लाचार) अफराद मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) की खिदमात से मुस्तफीद होते हैं। उनके लिए मस्जिद नबवी (सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम) के अंदर और बैरूनी सेहनों में नमाज की जगहें मुखतस की जाती हैं।
