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सऊदी अरब : तीन बाज 88 हजार रियाल में बिके

Falcon eagle file photo

रियाज : आईएनएस, इंडिया 

सऊदी अरब के दारुल हकूमत रियाद में बाजों की नीलामी और नुमाइश जारी है। मीडीया रिपोर्टस के मुताबिक शहबाजों की नीलामी की पहली शब (रात) तीन बाज 88 हजार रियाल में बिके। मखसूस (विशेष) फालकन फार्मज की बैनुल अकवामी नीलामी के दूसरे सेशन की पहली रात तीन फालकन की नीलामी से 88 हजार रियाल हासिल हुए। तीनों 'बीएम’ फालकन फार्म से लिए गए थे जो 'फर्ख़ हुर’ कैटिगरी में शामिल थे। पहला फालकन 22 हजार रियाल में जबकि दूसरा फालकन 25 हजार रियाल में फरोखत हुआ और तीसरा फालकन 41 हजार रियाल में फरोखत हुआ। काबिल-ए-जिÞक्र है कि इस नीलामी का एहतिमाम सऊदी फालकंज क्लब ने रियाज के शुमाल में वाके अपने हेडक्वार्टर मुलहम में दस रोजा सऊदी बैनुल अकवामी फालकन और शिकार की नुमाइश के साथ किया है। दुनियाभर के 17 से ज्यादा ममालिक (देशों) के 40 से ज्यादा सरकरदा पैदावारी फार्मज, खासतौर पर अमरीका, जर्मनी और स्पेन के शाहीन परवर (परिंदों के दीवाने) नीलामी में हिस्सा ले रहे हैं।


माईक्रो साफ़्ट के को-फाउंडर की आर्ट कलेक्शन की 'तारीखी नीलामी’

न्यूयार्क : अमरीका की मारूफ टेक्नोलोजी कंपनी माईक्रो साफ़्ट के शरीक बानी पाल ऐलन की एक अरब डालर से जाइद मालियत (कीमत) के आर्ट की जाती (व्यक्तिगत) कलेक्शन की नीलामी होने जा रही है। खबररसां इदारे एएफपी के मुताबिक नीलामी करने वाली एक बड़ी बर्तानवी कंपनी क्रिस्टीज ने ऐलान किया है कि इन आर्ट में 19वीं सदी के मशहूर फ्रÞांसीसी आर्टिस्ट की पेंटिग भी शामिल है जिसकी कीमत एक सौ मिलियन डालर से ज्यादा है। क्रिस्टीज के मुताबिक नवंबर में होने वाली नीलामी में 150 आर्ट रखे जाएंगे जिनमें से कुछ पांच सौ साल पुराने हैं। उनमें मशहूर अमरीकी आर्टिस्ट जैसपर जान्ज की पेंटिंग भी शामिल है जिसकी कीमत 50 मिलियन डालर से ज्यादा है। नीलाम होने वाले आर्ट में 19वीं सदी के मारूफ फ्रÞांसीसी आर्टिस्ट्स क्लॉड मोने, एडवा माने और आॅस्ट्रियन पेंटर गस्टाफ कलमट की पेंटिंगज भी शामिल हैं। क्रिस्टीज के मुताबिक ये तारीख की सबसे बड़ी और मुनफरद (अलग) नीलामी होगी। माईक्रोसाफ़्ट के शरीक बानी 2018 में 65 साल की उम्र में वफात पा गए थे। उन्होंने बिल गेटस के साथ 1975 में इस कंपनी की बुनियाद रखी थी। क्रिस्टीज का कहना है कि पाल ऐलन की खाहिश के मुताबिक नीलामी से हासिल की गई रकम खैराती कामों में खर्च की जाएगी। क्रिस्टीज के सरबराह गेवलाम सेरोटी के ख़्याल में पाल ऐलन की आर्ट कलेक्शन की तरह की और कोई कलेक्शन नहीं है। उन्होंने कहा कि पाल ऐलन का आर्ट के साथ जजबाती रिश्ता था। पाल का ख़्याल था कि आर्ट के जरीये जिंदगी के मुनफरद (अलग) नुक़्ता-ए-नजर (दृष्टिकोण) की अक्कासी होती है। पाल ऐलन सेहत के मसाइल और बिल गेटस के साथ ताल्लुकात खराब होने के बाइस माईक्रोसाफ़्ट कंपनी से सन 1983 में अलग हो गए थे।


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