दुर्ग। छत्तीसगढ़ वरिष्ठ नागरिक कान्फेडरेशन एवं ज्येष्ठ नागरिक संघ पद्मनाभपुर ने रेल मंत्री अश्विनी कुमार वैष्णव के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को छूट देने से भारत सरकार को करोड़ों रुपए का नुकसान होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे में रियायत देने की प्रक्रिया अनेक वर्षों से जारी थी, जिसे बंद कर दिया गया हैं। इसकी वजह से वरिष्ठ नागरिकों में रोष है। एक कल्याणकारी सरकार के लिए वरिष्ठ नागरिकों को रियायत देना नुकसान की श्रेणी में नहीं आता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सुविधा केवल रेलवे ही नहीं वरन अनेक राज्यों द्वारा बसों आदि में भी प्रदान की जाती है।
ज्येष्ठ नागरिक संघ के अध्यक्ष लालचंद जैन ने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों की देश निर्माण और विकास में बड़ी भूमिका रही है, वरिष्ठ होने से उनकी आमदनी में कमी आ गई है। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए की वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी बचत बैंको में जमा है जो सरकार की हर योजना में कर्ज के रूप में काम आ रही है। वरिष्ठ नागरिकों की करोड़ों अनक्लेम्ड राशि बैंको में है। उन्होंने कहा कि रेल में बैठने या नहीं बैठने से रेलवे को किस तरह नुकसान होता है, और सरकार की बचत होती है उसके बारे में तो माननीय मंत्री ही बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान इसी में है कि उन्हें देय सुविधा बरकरार रख कर एक कल्याणकारी सरकार के मंत्री के रूप में इस पर पुन: विचार करे और जो भी सुविधा बंद कर दी गई है, उसे बहाल करने का कृपा करें।
