शाम के एक हाजी के तास्सुरात
रियाज : शाम से ताल्लुक रखने वाले और कुर्दिस्तान के इलाके में मुकीम हाजी मरवान सालिह उमर ने मक्का मुकर्रमा में अपनी आमद के एहसासात बयान करते हुए कहा कि मैंने बहुत से ममालिक का दौरा किया लेकिन हमें सऊदी अरब जैसा मुल्क नहीं मिला। दुनिया के किसी भी मुल्क में इतनी सखावत और मेहमान-नवाजी नहीं जितनी कि सऊदी अरब में है।
सऊदी अरब के लोग बहुत मेहमान नवाज और सखी हैं। वो आजमीन-ए-हज्ज की बेपनाह खिदमत करते हैं। एक वीडीयो क्लिक के जरीये मरवान सालिह ने कहा, अल्लाह का शुक्र है कि उसने हमें हज जैसी नेअमत से नवाजा। सऊदी अरब आने का बहुत शौक था। इस बार हज पर आया तो पता चला कि सऊदी अरब बहुत मेहमान नवाज और सखी मुलक है। शामी हाजी ने ममलकत की तरफ से हज के सफर को महफूज और पुरअमन बनाने के लिए की जाने वाली अजीम कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने मजीद कहा कि मैं और मेरे वालिद हम हज के लिए आए हैं। खुदा का शुक्र है, मेरे वालिद हज के लिए नामजद किए गए, क्योंकि उनकी उम्र इस साल हज के निजाम के लिए मुकर्रर करदा कानूनी उम्र से ज्यादा है। उन्होंने मजीद कहा कि ममलकत हज का एहतिमाम वकार के साथ करती है और हमने मक्का की मस्जिद हराम में हजारों हुज्जाज किराम को तवाफ करते हुए देखा और वहां सऊदी मर्द खुलूस और ईसार के साथ हुज्जाज की खिदमत कर रहे हैं और मैं इन कोशिशों के लिए उन्हें सलाम पेश करता हूँ।
