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आरती और नाअत खवानी के साथ कश्मीरी पंडितों ने किया हुज्जाज-ए-कराम का इस्तकबाल


श्रीनगर :
आज कश्मीर एयरपोर्ट पर इत्तिहाद-ओ-भाईचारे का बड़ा ही अनोखा मंजर देखने को मिला। जब एयरपोर्ट पर हाजियों का पहला काफिला निकला, उनका इस्तिकबाल करने उनकी आरती उतारने के लिए बड़ी तादाद में कश्मीरी पण्डित वहां मौजूद थे। मुल्क के अंदर जहां फिरकापरस्त अनासिर माहौल को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं कश्मीरी पंडित हाजियों का इस्तिकबाल करके मुल्क के फिर्कापरस्त अनासिर को अमन-ओ-शांति और खैर सगाली का पैगाम दे रहे हैं। 

कश्मीरी पंडितों की एक बड़ी तादाद हफ़्ता को श्रीनगर के शेख अल आलम बैन-उल-अकवामी हवाई पर 145 हाजियों की पहली खेप का इस्तिकबाल करने पहुंची जो हज का फरीजा अदा करके सऊदी अरब के शहर मक्का से वापिस आए थे। जराइआ के मुताबिक वादी कश्मीर में फिकार्वाराना हम-आहंगी के एक मिसाली मुजाहिरे में बड़ी तादाद में कश्मीरी पंडितों ने कश्मीरी जबान में नाअत पढ़ कर बैन-उल-अकवामी हवाई अड्डे पर हाजियों का इस्तिकबाल किया। कश्मीरी पंडितों ने हाजियों को मुबारकबाद दी और उनसे दुआ की दरखास्त की। इस तकरीब की वीडीयोज मुतअद्दिद इंटरनेट सारिफीन ने शेयर कीं जिनमें कश्मीरी पण्डित एक्टीविस्ट मोहित भान भी शामिल हैं। 

मोहित भान ने अपनी टवीट में लिखा कि हमारे कश्मीरी पण्डित आज श्रीनगर के हवाई अड्डे पर रिवायती अंदाज में नाअत पढ़ कर हाजियों का इस्तिकबाल कर रहे हैं। ये हमारी हम-आहंगी की सकाफ़्त है, इस्लाम के मानने वाले अमरनाथ यात्रा के अहल हैं और शिवमत के पैरोकार इत्तिहाद के पयाम्बर हैं। ख़्याल रहे कि हफ़्ता के रोज जम्मू कश्मीर से 145 से जाइद आजमीन की पहली खेप सऊदी अरब में सालाना हज की अदायगी के बाद वापिस लौटी है। डवीजनल कमिशनर कश्मीर, पीके पाल, डीआईजी सेंटर्ल कश्मीर रेंज सूजीत कुमार, डिप्टी कमिशनर बडगाम और जेके के एगजीक्टव आॅफीसर हज कमेटी अब्दूस्सलाम ने 145 हाजियों की पहली खेप का इस्तिकबाल किया। इस साल जम्मू कश्मीर के 7000 समेत हिन्दोस्तान के कम अज कम 80,000 आजमीन ने हज 2022 अदा किया। हज की अदायगी के बाद वतन वापिस आने वाले हाजियों के लिए एयरपोर्ट पर मुनासिब इंतिजामात किए गए हैं। काबिल-ए-जिÞक्र बात ये है कि हुज्जाज को लेकर आने वाली आखिरी परवाज एक अगस्त को श्रीनगर के हवाई अड्डे पर उतरेगी। अगरचे आज से हज 2022 के सफर से वापसी का अमल शुरू हो गया है, आज सुबह तकरीबन 4 बजे पहला तय्यारा हाजियों को वापिस लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, जिसमें कुल 410 हाजी हिन्दोस्तान आए। अपने खानदान के लोगों को हज से वापिस आता देखकर बहुत से लोगों की आँखें नम हो गईं। दिल्ली एयरपोर्ट पर देर रात से ही हाजियों के इस्तिकबाल के लिए रिश्तेदारों की लंबी कतारें लगी हुई थीं, हाथों में फूल लिए लोग अपने अजीजों का इंतिजार करते हुए पाए गए। 


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