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मुत्तहदा अरब अमीरात के शेख की 600 मिलियन डालर की नई लग्जÞरी कश्ती तवज्जो का मर्कज बनी


दुबई :
ब्लयू नामी नई लग्झरी कश्ती के मालिक शेख मंसूर बिन जै़द अल नहीइन इंग्लिश फुटबॉल क्लब मानचैसटर सिटी के भी मालिक हैं। उनकी नई कश्ती कई सहूलयात से आरास्ता दुनिया की सबसे बड़ी तफरीही कश्तीयों में से एक है। 'ब्लयू' के 24 कमरों में 48 मेहमान कियाम कर सकते हैं, अमला 80 अफराद पर मुश्तमिल है, याट पर दो हेलीपैड भी हैं, लग्झरी कश्ती में स्वीमिंग पूल, जिम और मुतअद्दिद रेस्तोराँ भी मौजूद हैं। शेख मंसूर बिन जै़द अलनहीइन की मिल्कियत में पहले भी टोपाज नामी एक पुर ताय्युश कशती मौजूद है लेकिन अब ब्लयू नामी एक और लग्झरी कशती ने पुर ताय्युश कश्तीयों के मालिकान की फहरिस्त में उनके दर्जे को मजीद बढ़ा दिया है। जर्मन लग्झरी याट कंपनी लीवर सेन के मुताबिक 160 मीटर तवील और 15 हजार टन से जाइद वजनी मेगा याट ब्लयू के आजमाईशी मराहिल (ट्रायल) मुकम्मल हो चुके हैं और अब वो शिपयार्ड से अपने नए मालिक शेख मंसूर तक पहुंचने के लिए बहीरा रुम के सफर पर रवाना हो चुकी है। इस याट की मालियत 600 मिलियन अमरीकी डालर से जाइद है जबकि उसकी देख-भाल और इस्तिमाल पर हर साल मजमूई कीमत का दस फीसद खर्चा आता है। जर्मन मीडीया ग्रुप स्टर्न की रिपोर्ट बताती है कि सिर्फ अजबक नजाद रूसी ताजिर इसमानोफ और अमानी सुलतान हैसम बिन तारिक की लग्झरी कश्तियां ही इस से बड़ी हैं। ब्लयू बनाने वाली जर्मन कंपनी लीवर सेन ने इसमें हाइब्रिड निजाम नसब किया है यानी ये कश्ती डीजल के अलावा इलैक्ट्रिक इंजन पर भी चलती है। इसके गीअर बॉक्स के साथ दो डीजल इंजन हैं और आहिस्ता चलाने पर ये बिजली से भी चल सकती है।


पोलैंड में नाजियों के हाथों कत्ल होने वाले 8000 अफराद की इजतिमाई कब्रें मिली

वारसा : आईएनएस, इंडिया

पोलैंड में नाजिÞयों के कन्सन्ट्रेशन कैंप के बाहर दो इजतिमाई कब्रें दरयाफत हुईं हैं जिनमें कम अज कम 8 हजार अफराद की 19 टन राख मौजूद है। ये अंदाजा बाकियात के वजन पर मबनी है जिसके हिसाब से तकरीबन एक जिस्म की राख दो किलो ग्राम के बराबर है। 

मुहक़्किकीन (शोधकर्ताओं) का कहना है कि मुतास्सिरीन को कत्ल कर के दफन किया गया लेकिन बाद में नाजी पार्टी के मैंबरान ने इन हलाकतों को छिपाने के लिए लाशों को जला गया। जिस जगह पर कब्रें खोदी गईं, वहां पोलिश जबान में लिखा है कि नामालूम मक़्तूल जो पोलिश होने की वजह से मारे गए और साथ में साल 1939 से 1944 लिखा है। पोलिश हुक्काम का कहना था कि खित्ते में किए जानेवाले जंगी जराइम को कभी फरामोश नहीं किया जाएगा। पोलैंड के इंस्टीटियूट आफ नेशनल रेमेम्बरेंस के सदर का एक बयान में कहना था कि 1939 में तकरीबन 8000 अफराद को कैंप के बाहर लाया गया और सर में गोली मार कर कत्ल कर दिया गया। ये इजतिमाई कब्रें गुजिश्ता माह दरयाफत हुई थीं। उन कब्रों में एक 91 फुट जबकि दूसरी 39 फुट लंबी है। इदारे के एक आफिशियल टीम ने बताया कि जिन लोगों की राख यहां दफन है, उनको लूटा गया और कत्ल किया गया था।


1 हजार 900 साल पुरानी मिट्टी के बर्तन पकाने की भट्टी मिली

बीजिंग : माहिरीन आसारे-ए-कदीमा (पुरातत्व विशेषज्ञ) ने चीन के वसती सूबे होनान के एक गांव में मिट्टी के बर्तन पकाने की भट्टी दरयाफत की है। ये जगह अप्रैल में ली लंग शहर के योंग शंग गांव में उस वक़्त दरयाफत हुई, जब माहिरीन आसारे-ए-कदीमा लू शिवी बेसिन का सर्वे कर रहे थे। इस भट्टी के खन्डरात की लंबाई 7.2 मीटर और चौड़ाई 2 से 2.15 मीटर है। भट्टी की छत गिरी हुई है और उसके अंदर बड़ी तादाद में ईंटों की बाकियात और जली हुई चीजें मौजूद हैं, जिनमें मिट्टी के बर्तनों के टुकड़े और चैक डिजाइन वाले सीलादोन के टुकड़े शामिल हैं। मिट्टी के बर्तनों के ये टुकड़े सख़्त और शक्ल केतली, ब्वायलर और प्लेटों जैसी है।

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