रायपुर। वक़्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर वक़्फ एक्ट को ताक में रखकर नया वक्फ एक्ट बनाते हुए उप सचिव लेबल को कम कर डिपुटी कलेक्टर करने के मामले में हाईकोर्ट ने 10 दिनों में जवाब पेश करने कहा है। हाईकोर्ट ने यह फैसला अर्जगुजार रायगढ़ छत्तीसगढ़ निवासी अख़्तर अली रिजवी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। रिजवी ने अपने वकील अंशुल तिवारी के जरिये हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी जिसमें उन्होंने सीईओ पर मनमानी का इल्जाम आयद किया था। अपनी अर्जी में उन्होंने यह भी भी बताया कि सीईओ ने अपने मूल महकमे से एनओसी लिए बिना सीईओ के ओहदे पर फाईज हो गए। जो पूरी तरह कवानीन की खिलाफवर्जी है। मामले में जनवरी 2021 से लगातार समाअत जारी है। इस दौरान सीईओ की जानिब से हर बार जवाब के लिए टालमटोल किया जा रहा था। लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने कहा है।
रायपुर। वक़्फ बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर वक़्फ एक्ट को ताक में रखकर नया वक्फ एक्ट बनाते हुए उप सचिव लेबल को कम कर डिपुटी कलेक्टर करने के मामले में हाईकोर्ट ने 10 दिनों में जवाब पेश करने कहा है। हाईकोर्ट ने यह फैसला अर्जगुजार रायगढ़ छत्तीसगढ़ निवासी अख़्तर अली रिजवी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया। रिजवी ने अपने वकील अंशुल तिवारी के जरिये हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी जिसमें उन्होंने सीईओ पर मनमानी का इल्जाम आयद किया था। अपनी अर्जी में उन्होंने यह भी भी बताया कि सीईओ ने अपने मूल महकमे से एनओसी लिए बिना सीईओ के ओहदे पर फाईज हो गए। जो पूरी तरह कवानीन की खिलाफवर्जी है। मामले में जनवरी 2021 से लगातार समाअत जारी है। इस दौरान सीईओ की जानिब से हर बार जवाब के लिए टालमटोल किया जा रहा था। लेकिन इस बार हाईकोर्ट ने 10 दिनों के भीतर जवाब पेश करने कहा है।
