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अलीगढ़ : नमाज-ए-जुमा पर पाबंदी का मुतालिबा करने वाली पूजा पांडे के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज

अलीगढ़ : अलीगढ़ में जुमा की नमाज पर पाबंदी के मुआमला में हिंदू महासभा की कौमी सेक्रेटरी डाक्टर पूजा शुकून पांडे के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया गया है। एडीशनल म्यूनसिंपल मजिस्ट्रेट की जानिब से उनके खिलाफ नोटिस भी जारी किया गया है। नोटिस का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर सच बोलने से किसी के जजबात को ठेस पहुंची है तो माजरत खाह हैं। 

पूजा के खिलाफ फिरकावाराना बयान देने और मुख़्तलिफ गिरोह के दरमियान बदअमनी को हवा देने का मुकद्दमा दर्ज किया गया है। अलीगढ़ इंतेजामिया के मुताबिक पूजा शुकून पांडे ने मुतनाजा बयान सोशल मीडीया पर शेयर किया है। पूजा ने एक मेमोरंडम के जरीया मुतालिबा किया था कि जुमा की नमाज के मौका पर लोगों के जमा होने पर पाबंदी होनी चाहिए। उनका ये बयान सोशल मीडीया पर वाइरल हुआ जिसके बाद उनके खिलाफ पुलिस स्टेशन गांधी पार्क में मुकद्दमा दर्ज किया गया। उन्हें जारी किए गए नोटिस में लिखा गया है कि मेमोरंडम जमा कराने से कब्ल आपकी जानिब से मीडिया के सामने जो बयानात दिए गए हैं, बुनियादी तौर पर मजहबी शिद्दत फैलाने की मजमूम कोशिश की गई है। ये वीडियो क्लिप आपने सोशल मीडीया पर अपलोड किया है, जिस पर कई लोगों के रद्द-ए-अमल भी सामने आए हैं। जिला में दफा 144 नाफिज है, जिसमें कवाइद के खिलाफ हुजूम का इजतिमा, बगैर इजाजत प्रोग्राम करने और किसी भी मजहबी तबके के जजबात को भड़काने वाले बयानात देने से मना किया गया है। इसके बावजूद आपने ना सिर्फ सोशल मीडीया में काबिले एतराज बयानात दिए, बल्कि ये वीडीयो क्लिप भी सोशल मीडीया प्लेटफार्मज पर वाइरल कर दिया जिसकी वजह से हस्सास शहर में मुख़्तलिफ बिरादरीयों के दरमियान तनाजा और फिरकावाराना हम-आहंगी में खलल पड़ने का खदशा है।


इश्तिआल अंगेज बयानात के लिए बदनाम यति नरसिम्हा नंद ने की गुस्ताख नुपूर शर्मा की ताईद


मैं इस्लामी किताबें लेकर मुनाजरा के लिए जामा मस्जिद जाऊंगा : नरसिम्हा नंद सरस्वती

नई दिल्ली : अपने मुस्लिम मुखालिफ इश्तिआल अंगेज बयानात को लेकर बदनाम स्वामी नरसिम्हा नंद सरवस्ती ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि आइन्दा जुमा 17 जून को नमाज-ए-जुमा के बाद कुरआन और इस्लामी किताबें लेकर दिल्ली की जामा मस्जिद जाएंगे। 

गाजीयाबाद में वाके देवी मंदिर के महंत यति नरसिम्हा नंद गिरी महाराज नुपूर शर्मा की हिमायत में खड़े हैं। उन्होंने ये भी कहा है कि मैं जामा मस्जिद जा कर मुस्लमानों को बताना चाहता हूँ कि उनके मजहबी रहनुमा, मुस्लमान और दीगर लोग इस पूरे तनाजा पर क्या कहते हैं। नरसिम्हा नंद ने कहा कि वे 17 जून को नमाज-ए-जुमा के बाद इस्लामी किताबें लेकर दिल्ली की जामा मस्जिद जाएंगे। मैं वहां उन लोगों को दिखाना चाहता हूँ कि जिन चीजों के बारे में वो हम पर फतवा देते हैं, वो उनकी अपनी किताब में लिखी हुई हैं। यति नरसिम्हा नंद ने कहा कि हम कुछ गलत या झूट नहीं बोल रहे हैं। हम सिर्फ इस बारे में बात कर रहे हैं जो इस्लामी किताबों में लिखी हुई है। मैं किताब, सीडी और मोबाइल लेकर अकेला जामा मस्जिद जाऊँगा। यति नरसिम्हा नंद के मुताबिक नुपूर शर्मा के साथ जो किया गया, वो उनकी गलती नहीं है। मैं जानता हूँ कि अगर मैं वहां जाऊंगां तो मुझे मारा जा सकता है, लेकिन इस तरह जीने से बेहतर है कि मैं वहां मर जाऊं। उन्होंने कहा कि बड़ी शर्म की बात है कि ऐसा लगता है कि इस मुल्क में भी इस्लामी गु़लामी आ गई है, सबको मानना चाहिए लेकिन में ये सब कबूल नहीं कर पाऊँगा।


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