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85 वर्षीय बीमार बुजुर्ग के घर पहुंची मोबाईल मेडिकल टीम

बुजुर्गों के लिए वरदान बनकर आई मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना
खुर्सीपार के फकीर मल्हा ने साझा किया अपना अनुभव

दुर्ग : मेरी उम्र 85 साल हो गई है। घर में अकेले रहता हूँ। अस्पताल तक पहुंचने का कोई साधन नहीं है। तबियत खराब हो तो किसे कहता। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार ने हमारे जैसे बेसहारा लोगों के लिए मोबाईल मेडिकल बस शुरू की है। बस क्या है, पूरा अस्पताल है। डाक्टर और नर्स हमारे जैसे लोगों के साथ बहुत अच्छा व्यवहार करते हैं। जरूरत पड़ने पर टेस्ट कराते हैं और दवा दे देते हैं। तकलीफ हो तो दवा नि:शुल्क मिल जाती है। यह कहना है खुसीर्पार के चंद्रशेखर आजाद नगर निवासी फकीर लम्हा का। श्री लम्हा ने कहा कि दो बातें बहुत अच्छी हुई हैं, पहला तो ये कि अस्पताल जाने, लाइन लगने का भी झंझट नहीं। घर के पास दो कदम चलो और अस्पताल की सुविधा मिल गई। दूसरा दवाइयों का खर्च बच गया। यहां तक कि जांच कराने लैब भी नहीं जाना पड़ता। 



भिलाई निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट इलाके के लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। सामान्यत: देखा गया है कि छोटी-छोटी मेडिकल दिक्कत आने पर लोग अस्पताल नहीं जाना चाहते क्योंकि दूरी काफी होती है, ओपीडी में लाइन लगना पड़ता है। घर के पास ही मोबाइल वैन आ जाती है तो वे चेकअप करा लेते हैं। इसका लाभ यह होता है कि समस्या आरंभिक रूप से ही चिन्हांकित हो जाती है और इसका जल्द इलाज आरंभ होने से समस्या विकराल रूप नहीं ले पाती। इसकी वजह से अस्पतालों की ओपीडी में भीड़ कम हुई है। और चिकित्सकों को अपने मरीजों के लिए पर्याप्त समय मिल पा रहा है। 


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