रियाज : सऊदी अरब की हुकूमत ने मक्का मुकर्रमा में इजाजत नामे के बगैर दाखिले पर ताहुक्म सानी पाबंदी आइद कर दी है। सऊदी हुक्काम के मुताबिक मक्का मुकर्रमा में दीगर शहरों से आने वाले सिर्फ उन अफराद को दाखिले की इजाजत होगी, जिनके पास हज या उमरा के इजाजत नामों के अलावा मुताल्लिका इदारों का इजाजतनामा होगा जिससे साबित हो कि वो मक्का मुकर्रमा में मुलाजमत करते हैं। मक्का मुकर्रमा से जारी इकामा रखने वाले अफराद को भी दाखिले की इजाजत होगी। हुक्काम का मजीद कहना है कि जिन अफराद के पास जरूरी दस्तावेजात नहीं होंगे, उन्हें मक्का मुकर्रमा में दाखिले की इजाजत नहीं दी जाएगी। दाखिले पर पाबंदी रवां साल हज के इंतिजामात के सिलसिले में लगाई गई है। सऊदी अरब के कवानीन के मुताबिक हज के अय्याम में किसी भी सऊदी शहरी या वहां मुकीम गैरमुल्की को बगैर इजाजत नामे के मक्का मुकर्रमा और दीगर मुकामात मुकद्दसा पर जाने की इजाजत नहीं होती।
शराब पर पाबंदी से मुताल्लिक कानून तबदील करने का कोई इरादा नहीं
रियाद : सऊदी अरब की नायब वजीर सयाहत शहजादी हैफा बिंत मुहम्मद ने कहा है कि ममलकत में शराब पर पाबंदी के कवानीन में तबदीली नहीं की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि 'इस पाबंदी के बावजूद सऊदी अरब ने सयाहत को फरोग दिया और आलमी सतह पर शानदार कारकर्दगी का मुजाहरा किया है। वो डीवोस में मुनाकिदा आलमी इकतिसादी फोरम में सऊदी अरब मुस्तकबिल का तसव्वुर के उनवान से होने वाले मुबाहिसे में खिताब के बाद शुरका के सवालों का जवाब दे रही थीं। मुबाहिसे के दौरान सवाल किया गया कि 'कहा जा रहा है कि सऊदी अरब मुस्तकबिल के शहर नईम में शराब पर आइद पाबंदी के हवाले से नजरसानी कर रहा है, इन मीडीया रिपोर्टस में कहां तक सदाकत है; इसके जवाब में शहजादी हैफा बिन मुहम्मद ने कहा कि सऊदी अरब शफ़्फाफ पालिसी पर अमल पैरा है, वो मौजूदा कवानीन का नफाज जारी रखेगा और ये कवानीन अच्छे हैं। उन्होंने कहा कि आदाद-ओ-शुमार ने साबित कर दिया है कि सऊदी अरब ने सयाहत के शोबे में आलमी सतह पर कामयाबी हासिल की है। तबदीलीयों के बगैर काफी कुछ किया जा सकता है। याद रहे कि पब्लिक फंड के मातहत नइम कंपनी ने इससे कबल बयान में कहा था कि नइम इकतिसादी इलाका है और सऊदी अरब के मातहत है, यहां सऊदी कवानीन नाफिज होंगे। अमन, दिफा और सरहदी तहफ़्फुज के हवाले से जो कवानीन ममलकत के दीगर मुकामात पर नाफिज हैं, वही नइम में भी होंगे।
