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पाकिस्तान आलमी ताकतों के साथ ताल्लुकात में तवाजुन चाहता है

बिलावल भुट्टो का चीन दौरा

इस्लामाबाद : पाकिस्तान के वजीर-ए-खारिजा बिलावल भुट्टो जरदारी दो रोजा दौरा चीन पर बीजिंग पहुंच रहे हैं। पाकिस्तान की सियासी सूरत-ए-हाल और आलमी मंजर नामे में होने वाली तबदीलीयों के तनाजुर (परिप्रेक्ष्य, सिलसिले) में पाकिस्तानी वजीर-ए-खारिजा के दौरे को अहम करार दिया जा रहा है। 

बिलावल को दौरा चीन की दावत चीन के वजीर-ए-खारिजा (विदेश मंत्री) वांग ये ने दी थी। बिलावल के हमराह वजीर-ए-ममलकत बराए खारिजा (विदेशी राज्य मंत्री) हिना रब्बानी समेत आला पाकिस्तानी हुक्काम भी चीन गए हैं। पाकिस्तानी दफ्तर-ए-खारिजा के मुताबिक दौरा चीन के दौरान बिलावल चीनी हम मंसब (समकक्ष) से मुलाकात में बाहमी (आपसी) ताल्लुकात की बेहतरी और तिजारती रवाबित (व्यापारिक रिश्ते) को आगे बढ़ाने पर तबादला-ए-ख़्याल करेंगे। बयान के मुताबिक दौरे के दौरान चीन, पाकिस्तान इकतिसादी राहदारी (आर्थिक गलियारा) मन्सूबों पर होने वाली पेश-रफ़्त का भी जायजा लिया जाएगा। 

दूसरी जानिब बीजिंग में चीनी वजारत-ए-खारजा के तर्जुमान (प्रवक्ता) वांग वैन बन ने कहा है कि गुजिश्ता माह पाकिस्तान के वजीर-ए-खारजा का ओहदा संभालने के बाद बिलावल का चयन का ये पहला दो तरफा बैरूनी (बाहरी) दौरा होगा। वांग वैन बन ने कहा कि स्ट्रेटजिक शराकतदार होने के नाते ये चीन और पाकिस्तान के लिए अहम है कि वो बड़े स्ट्रेटजिक मुआमलात पर अपने राबतों को मजबूत करें। अगरचे पाकिस्तान का वजीर-ए-खारजा का ओहदा सँभालने के बाद चीनी वजीर-ए-खारजा वांग ये वर बिलावल टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं लेकिन चीन के दौरे के दौरान बिलावल पहली बार बराह-ए-रास्त अपने चीनी हम मन्सब से मुलाकात करेंगे। माजी में पाकिस्तानी हुकूमत के किसी भी वजीर-ए-खारिजा के लिए सबसे पहले बैरूनी दौरे के लिए चीन का इंतिखाब करना एक रिवायत रही है। पाकिस्तान के साबिक सेक्रेटरी खारिजा एजाज चौधरी कहते हैं कि बिलावल भुट्टो का चयन का दौरा इसी रिवायत का तसलसुल है। बिलावल ने हाल ही में अमरीकी वजीर-ए-खारिजा एंटनी बलंकन से भी मुलाकात की थी, जिन्होंने बिलावल को गिजाई किल्लत के खदशात से मुताल्लिक कान्फें्रस में शिरकत की दावत दी थी। अगरचे ये दो तरफा दौरा नहीं था लेकिन हालिया अर्से में पाकिस्तान और अमरीका के ताल्लुकात में तनाव के पेश-ए-नजर इस दौरे को अहम करार दिया गया था। एजाज चौधरी कहते हैं कि अमरीका के बाद चीन के दौरे का मकसद यही है कि पाकिस्तान आलमी ताकतों अमरीका, चीन और रूस के साथ अपने ताल्लुकात में तवाजुन (तालमेल) रखना चाहता है।


तहरीक-ए-इंसाफ के लांग मार्च को इजाजत नहीं


इस्लामाबाद :
हकूमत-ए-पाकिस्तान ने पाकिस्तान तहरीक -ए-इन्साफ के चेयरमैन इमरान खान की काल पर बुध को इस्लामाबाद की जानिब लॉंग मार्च की इजाजत ना देने का फैसला किया है। वफाकी काबीना (संघीय मंत्रीमंडल) के इजलास के बाद मंगल को इत्तिहादी जमातों के वुजरा (मंत्रियों) के साथ इस्लामाबाद में न्यूज कान्फ्रेंस करते हुए वफाकी वजीर-ए-दाखिला राना सना उल्लाह का कहना था कि ये लोग इस्लामाबाद आकर अफरातफरी फैलाना चाहते हैं। उनका कहना था कि वफाकी काबीना ने फैसला किया है कि लॉंग मार्च की इजाजत नहीं दी जाएगी और उसे रोका जाएगा। वफाकी वजीर-ए-दाखिला राना सना उल्लाह की प्रेस कान्फे्रंस पर रद्द-ए-अमल देते हुए तहरीक इन्साफ के रहनुमा फवाद चौधरी ने टवीट की कि वजीर-ए-दाखिला में इतनी जुरात नहीं थी कि वो अकेले प्रेस कान्फें्रस करते। 

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के 25 मई को इस्लामाबाद में लॉंग मार्च से कब्ल मुल्कभर में पुलिस के क्रैक डाउन में दर्जनों पार्टी रहनुमाओं और कारकुनों की गिरफ़्तारी की भी इत्तिलाआत हैं। पंजाब और सिंध की हुकूमतों ने सूबों में अमन-ओ-अमान बरकरार रखने के लिए दफा 144 नाफिज कर दी है। जराइआ के मुताबिक एडीशनल चीफ सेक्रेटरी पंजाब ने पंजाब रेंजर्ज को हंगामी सूरत-ए-हाल के लिए तैयार रहने का कहा है। 



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