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सऊदी अरब: माहे सयाम के दौरान मसाजिद की इंतजामिया और नमाजियों के लिए नए इंतेजामात


रियाद :
सऊदी अरब में वजारत मजहबी उमूर ने रमजान उल-मुबारक के ब बरकत महीने से मसाजिद की तैयारी के लिए हिदायात जवाबत का एक मजमूआ जारी किया है, जिसमें सऊदी अरब के तमाम खित्तों में मसाजिद के मुलाजमीन के लिए नमाजियों की खिदमत और वजारत के पैगाम और उमूमी एहदाफ के हुसूल के लिए साल 1443 हिजरी के रमजान के हवाले से जवाबत और हिदायात पर जोर दिया गया है। 

वजारते मजहबी उमूर ने ममलकत की तमाम मसाजिद के मुलाजमीन ब शमूल आयम्मा और मुअज्जन हजरात पर जोर दिया कि वो अपने काम में बाकायदगी से तवज्जा दें। रमजान के ब बरकत महीने में गैरहाजिर ना रहें। नमाज की अदायगी के दौरान इमाम और नमाजियों की तस्वीरकशी के लिए मसाजिद में कैमरों का इस्तिमाल ना करें, और नमाज अदा करते हुए तसावीर मीडिया में नशर ना करें। इसमें मुअज्जन के अज्म पर भी जोर दिया गया कि वो उम्मूल कुरा कैलिंडर के मुताबिक अजान के वक़्त के साथ नमाजों की अजानें दें। माह रमजान में मुकर्ररा वक़्त पर नमाज अदा करें और अजान के बाद हर नमाज के लिए मुकर्ररा मुद्दत कायम करें। वजारत ने मसाजिद के इमामों को फर्ज़ नमाजों के बाद ऐसी किताबों का मुताला करने की एहमीयत पर जोर दिया जो मस्जिद की जमात के लिए मुफीद हों, खासतौर पर वो किताबें जो रोजे के अहकाम-ओ-आदाब, माह मुकद्दस के फजाइल और इससे मुताल्लिक अहकाम से वाबस्ता हों। सऊदी अरब की वजारत मजहबी उमूर ने ममलकत के मुख़्तलिफ खित्तों में मसाजिद के तमाम मुलाजमीन पर जोर दिया कि वो रोजा दारों और दीगर लोगों के लिए इफतारी के मन्सूबों के लिए माली अतयात जमा ना करें। इफतार प्रोग्राम मसाजिद के सेहनों और तैयारशुदा जगहों में किए जाएं और छत के नीचे ना हों। इमाम या मुअज्जन की जिÞम्मेदारी है कि इफतारी के लिए मुखतस जगहों को इफतार के फौरन बाद साफ करवाएं। माह-ए-सियाम के दौरान मसाजिद की इंतेजामिया के लिए जारी हिदायात में एतिकाफ से मुताल्लिक हिदायात भी शामिल हैं। ये कि मस्जिद का इमाम नमाजियों को एतिकाफ की इजाजत देने का मजाज होगा, एतिकाफ के लिए नमाज तरावीह में लोगों के हालात को मद्द-ए-नजर रखा जाए। नमाज को महदूद किया जाये। नमाजों और एतिकाफ के दौरान मसाजिद में देख-भाल और हिफ़्जान-ए-सेहत का खास ख़्याल रखा जाए। खवातीन के लिए मुखतस जगहों की सफाई का एहतिमाम यकीनी बनाया जाये। मसाजिद के आयमा और खतीब हजरात पर जोर दिया गया है कि वो माह-ए-सियाम से फायदा उठाते हुए अवामुन्नास में इस्लाम की हकीकी तालीमात रासिख करने के लिए तजकीर रखें।



दुनिया की सबसे लंबी दूरी तक परवाज करने वाली हवाई जहाज 17 सितंबर से भरेगी उड़ान

एयर न्यूजीलैंड का दुनिया की चौथी तवील तरीन परवाज चलाने का ऐलान

आॅकलैंड : एयर न्यूजीलैंड ने दार-उल-हकूमत आॅकलैंड से न्यूयार्क तक 17 घंटे तवील बराह-ए-रास्त फ्लाइट्स चलाने का ऐलान किया है। गैर मुल्की मीडीया के मुताबिक तवील दौरानीये की ये फ्लाइट्स रवां बरस 17 सितंबर से आॅकलैंड से शुरू होंगी, आॅकलैंड से चलने वाली परवाजों का नंबर 'एन जैड टू' और न्यूयार्क से रवाना होने वाली परवाजों को 'इन जैड वन’ नंबर दिया गया है। कंपनी के सीईओ का कहना है कि आॅकलैंड से न्यूयार्क के लिए बोइंग 787 ड्रीम लाईन्ज की हफ़्ते में तीन परवाजें चलाई जाएँगी, जिसका आॅकलैंड से न्यूयार्क तक दौरानिया 17 घंटे 35 मिनट होगा और ये दुनिया की चौथी तवील तरीन दौरानीये की परवाज होगी। रिपोर्टस के मुताबिक 8,828 मील फासले की बराह-ए-रास्त इन परवाजों का आगाज 17 सितंबर 2022 से न्यूजीलैंड के दार-उल-हकूमत आॅकलैंड से होगा। आॅकलैंड से न्यूयार्क तक 17 घंटे से जाइद वक़्त की परवाज को दुनिया की तवील तरीन परवाजों में से एक करार दिया जा रहा है, ताहाल तवील तरीन दौरानीये की परवाज सिंगापुर से न्यूयार्क 9,537 मील तक चलती है, जिसका दौरानिया 18 घंटे 7 मिनट का है।


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