टोकीयो : जापान ने मुल्क के 47 में से 18 सूबों में कोरोना वाइरस के बाइस नीम एमरजेंसी के हालात को खत्म कर दिया है। इन रियास्तों में टोकीयो और ओसाका भी शामिल हैं। ये फैसला रोजाना नए केसों की तादाद में कमी की वजह से किया गया है। दूसरी जानिब जुनूबी कोरिया में 2 रोज के दौरान 3 लाख 53 हजार 980 नए केस रिकार्ड किए गए हैं। वजारते सेहत के मुताबिक हालिया केसों के बाद मुतास्सिरा अफराद की मजमूई तादाद 9 करोड़ 93 लाख 6 लाख 540 हो गई है। कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन एजेंसी (केडीसीए) के मुताबिक इस तादाद में इजाफा हो रहा है और सूरत-ए-हाल बिगड़ने का खदशा है।
कोरोना से मुताल्लिक तमाम पाबंदियां 31 मार्च से होंगी खत्म
मास्क और दूरी अब भी लाजिÞमी : मर्कज
नई दिल्ली : कोरोना वाइरस के इन्फेक्शन के बढ़ते केसिज के पेशे नजर वजारते दाखिला ने तकरीबन दो साल बाद 31 मार्च से कोरोना से मुताल्लिक तमाम पाबंदियां खत्म करने का फैसला किया है, ताहम मास्क पहनने और समाजी फासला बरकरार रखने के उसूल बरकरार रहेंगे।
पहली बार 24 मार्च 2020 को मर्कजी हुकूमत ने मुल्क में कोरोना वाइरस के इनफेक्शन को फैलने से रोकने के लिए डीजास्टर मैनिजमंट एक्ट (डीएम) 2005 के तहत कई रहनुमा खुतूत जारी किए थे और वकतन-फ-वकतन तबदीलियां भी की थीं। मर्कजी दाखिला सेक्रेटरी अजय भल्ला ने तमाम रियास्तों के चीफ सेक्रेटरियों को लिखे एक खत में कहा है कि गुजिश्ता सात हफ़्तों में नए केसिज की तादाद में जबरदस्त कमी आई है। उन्होंने कहा कि 22 मार्च को कोरोना के जेरे इलाज मरीजों की तादाद कम हो कर 23,913 हो गई थी और इनफेक्शन की शरह 0.28 फीसद थी। यहां ये बताना भी जरूरी है कि मुल्क में कोरोना वैक्सीन की 181.56 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी हैं।
