सुप्रीमकोर्ट जल्द मुआमले की समाअत करेगा
नई दिल्ली : आईएनएस, इंडिया
वोटरों को लालच देकर सियासी जमातों की तरफ से मुफ़्त तोहफे के वादों के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट में एक पीआईएल दायर की गई थी। अब सुप्रीमकोर्ट ने इस अर्ज़ी पर समाअत के लिए रजामंदी जाहिर कर दी है। एडवोकेट कुमार सिन्हा ने कहा कि इंतिखाबात के वक़्त वोटर सियासी पार्टियों की तरफ से किए गए तोहफे के ऐलान से मुतास्सिर होते हैं। इससे इंतिखाबी अमल की शफ़्फाफियत मुतास्सिर होती है। अब सुप्रीमकोर्ट इस मुआमले की समाअत जुमेरात को करेगी।
हिंदू सेना के रहनुमा सूजीत यादव ने सुप्रीमकोर्ट में मफाद-ए-आम्मा की अर्ज़ी दायर की है। दरखास्त में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी को फरीक बनाया गया है। दरखास्त में पार्टियों की तरफ से पंजाब में खवातीन को मुफ़्त बिजली, लैपटॉप, स्मार्टफोन, समाजवादी पेंशन योजना, एक हजार रुपय माहाना अलाउंस का हवाला देते हुए कहा गया कि ये वाअदा बदउनवानी के जुमरे में आता है। अदालत में दायर दरखास्त में समाजवादी पार्टी, यूपी में कांग्रेस और पंजाब में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को ना-अहल करार देने का मुतालिबा किया गया है। नीज दरखास्त में ये भी इस्तिदा की गई है कि जो भी ऐसे मुआमलात में कसूरवार पाए जाएं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई जाए।
मफाद-ए-आम्मा-जनहित
समाअत- सुनवाई
शफ़्फाफियत-पारदर्शिता