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आरएसएस की अहम जायजा मीटिंग 11 मार्च से


अहमदाबाद : 11 से 13 मार्च तक होने वाली एवान नुमाइंदगान की मीटिंग में राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ (आरएसएस) की मीटिंग में पांच रियास्तों के असेंंबली इंतिखाबात के नताइज के साथ साथ संघ के मुस्तकबिल के एजेंडे पर बात की जाएगी। ताहम इस मीटिंग के लिए संघ का सबसे बड़ा एजेंडा अपने सद साला साल की तैयारियों को हतमी शक्ल देना है। इस मीटिंग में संघ से जुड़ी बीजेपी समेत तमाम वाबस्ता तंजीमें हिस्सा लेती हैं, इसलिए इंतिखाबी नताइज और मुस्तकबिल की सियासी सूरत-ए-हाल पर बातचीत होगी। पाँच रियास्तों के इंतिखाबी नताइज का ऐलान ऐवान नुमाइंदगान के इजलास से एक दिन कब्ल 10 मार्च को किया जाएगा। उनमें से चार रियास्तें ऐसी हैं जहां बीजेपी की अपनी हुकूमत है। मुल्क की सबसे बड़ी रियासत उतर प्रदेश भी उनमें शामिल है, इसलिए ये नताइज मुस्तकबिल की सियासत पर भी असर-अंदाज होंगे। ऐसी सूरत-ए-हाल में संघ उनमें नफा-नुक़्सान के बारे में गौर-ओ-फिक्र करेगा। 

सियासी बहस संघ के एजेंडे में नहीं है, लेकिन ये मीटिंग किन हालात में होगी, गैर रस्मी बातचीत में ये जरूर एक मसला होगा। संघ भी बिलवासता तौर पर बीजेपी की मदद करता है। संघ के ज्यादा-तर स्वयं सेवक बीजेपी से जड़े हुए हैं, इसका भी काफी असर है। बीजेपी सदर जेपी नड्डा और जनरल सेक्रेटरी तंजीम बीएल संतोष भी मीटिंग में शिरकत करेंगे। ऐसे में संघ के सरबराह मोहन भागवत से उनके इंतिखाबी नताइज के हवाले से भी बातचीत होगी।

  • हतमी - अंतिम 
  • ऐवान नुमाइंदगान-लोकसभा


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