नई दिल्ली। आईएनएस, इंडिया
आॅल इंडिया माइनॉरिटीज फ्रंट के सदर डाक्टर सय्यद मुहम्मद आसिफ ने कहा कि सात साल तक इकतिदार में रहने वाले अवाम के लिए कुछ नहीं कर सके, इसलिए हिजाब को मुतनाजा बना कर और बदअमनी पैदा कर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिन्दोस्तान एक ऐसा मुल्क है जिसमें नकाब, पल्लू, हिजाब और पर्दे की सकाफ़्त है। उसे मगरिबी कल्चर के मुताबिक ढालने की कोशिशें कभी कामयाब नहीं हो सकती। ना सिर्फ हिन्दोस्तान बल्कि दुनियाभर के लोग इसकी हिमायत में उठ खड़े हुए हैं। डाक्टर आसिफ ने कहा कि मर्कजी और रियास्ती हुकूमत ने इस अकेली लड़की को हिरासाँ करने वालों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। डाक्टर आसिफ ने कहा कि इन गुंडों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें फौरी गिरफ़्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल को अपना डेÑस कोड तय करने का हक है। लेकिन उसे तर्तीब देने में वो किसी बुनियादी हक की खिलाफवरजी नहीं कर सकता। अगर कोई इदारा कवाइद भी बनाता है तो वो कवाइद कानून के दायरे से बाहर नहीं हो सकते।
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