24 अफराद बरी, रांची की सीबीआई का फैसला
रांची: आईएनएस, इंडिया
साबिक वजीर-ए-आला और आरजेडी सदर लालू यादव को 950 करोड़ रुपय के चारा घोटाला से मुताल्लिक पांचवें मुआमले में भी मुजरिम करार दिया गया है। रांची की सीबीआई अदालत ने उन्हें खजाने से गबन के मुआमले में मुजरिम करार दिया है। अदालत ने मुआमले में 24 लोगों को बरी कर दिया है, जबकि लालू के करीबी लीडर जगदीश शर्मा और धु्रव भगत समेत 35 लोगों को तीन तीन साल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने लालू यादव की सजा का ऐलान नहीं किया है। उन्हें और दीगर मुजरिमों को 21 फरवरी को सजा सुनाई जाएगी। इन दिनों लालू यादव जमानत पर जेल से बाहर हैं। अगर लालू यादव को भी तीन साल या इस से कम की सजा सुनाई जाती है तो उन्हें अदालत से ही जमानत मिल जाएगी, वर्ना उन्हें हिरासत में ले लिया जाएगा। मुकद्दमे के असल 170 मुल्जिमान में से 55 की मौत हो चुकी है, सात सरकारी गवाह बन चुके हैं, दो ने अपने खिलाफ इल्जामात कबूल कर लिए हैं और छ: मफरूर हैं। लालू प्रसाद के इलावा साबिक एमपी जगदीश शर्मा, पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी के इस वक़्त के चेयरमैन ध्रुव भगत, हैवानात बैक जुलिअस, डाक्टर केएम प्रसाद अहम मुल्जिम हैं। लालू यादव समेत तमाम मुल्जिमान के खिलाफ तहकीकाती एजेंसी ने 2001 में चार्ज शीट दाखिल की थी।