टोकियो : आईएनएस, इंडिया
जापान में चार साल से छोटे बच्चों को नौकरी का आफर दिया जा रहा है। और इसके लिए बाकायदा उन्हें तनख्वाह भी दी जाएगी। एक नर्सिंग होम ने बाकायदा इसे लेकर एक इश्तेहार दिया है। इश्तेहार के मुताबिक उम्र रसीदा अफराद (बुजुर्गों) की देख-भाल के लिए कायम नर्सिंग होम को इंतिहाई अहम काम के लिए छोटे बच्चों को भर्ती करने की जरूरत पड़ गई है।
खबररसां इदारे एएफपी के मुताबिक केटाकेवशो नामी नर्सिंग होम ने मुलाजमत का इश्तिहार दिया कि उन्हें छोटे बच्चों को भर्ती करना है, जिनकी उम्र चार साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। बच्चों के वालदैन या सरपरस्त को नर्सिंग होम के साथ एक कांट्रैक्ट पर दस्तखत करना होगा जिसके तहत बच्चे अपने मूड के मुताबिक जब चाहें काम पर आ सकते हैं। कांट्रैक्ट में ये भी लिखा है कि भूख, नींद या किसी और वजह से बच्चों को ब्रेक लेने की भी इजाजत होगी। अब तक 30 से ज्यादा बच्चों ने नर्सिंग होम में काम करने की हामी भरी है।
लेकिन सवाल ये पैदा होता है कि इन बच्चों के काम की नौईयत (प्रकृति) क्या होगी, नर्सिंग होम के मुताबिक इन बच्चों को इदारे में रहने वाले एक सौ से जाइद उम्र रसीदा अफराद को खुश रखना होगा जिनमें से ज्यादातर की उम्र 80 साल से ज्यादा है। नर्सिंग होम की सरबराह का कहना है कि इन बच्चों की एक झलक देखने से ही इन अफराद के चेहरे खुशी से खिल जाते हैं। नर्सिंग होम के दरवाजे पर एक बड़ा सा इश्तिहार लगा हुआ है, जिस पर बड़े-बड़े अलफाज में दर्ज है 'हम हायर कर रहे हैं छोटे बच्चे।’ और साथ ही ये भी वाजेह किया है कि नए वर्करज को उनकी उजरत के एवज दूध और डाईपर्ज दिए जाएंगे। 'कामयाब उम्मीदवारों की जिÞम्मेदारियाँ बयान करते हुए पोस्टर पर लिखा है कि उन्हें अपने सरपरस्त के साथ नर्सिंग होम में चक्कर लगाना होगा। नर्सिंग होम के मुकीम इन नई भर्तियों पर बेहद खुश हैं और बच्चों के साथ बातें करते और उन्हें गले लगाते नजर आते हैं। एक बूढ़े शख़्स ने नई भर्ती पर तबसरा करते हुए कहा कि ये इतने प्यारे हैं, उनसे मुझे अपना वक़्त याद आ गया है, जब मैंने अपने बच्चों की परवरिश की थी।
