नई तहरीक : दुर्ग
आनंद समवशरण में पर्यूषण पर्व के पांचवे दिन भगवान महावीर स्वामी का जन्म वाचन युवाचार्य भगवंत श्री महेंद्र ऋषि जी के मुखारविंद से संपन्न हुआ। भगवान महावीर स्वामी के जीवन दर्शन से जुड़े संस्मरण सूत्रों के माध्यम से धर्म सभा में सुनाए गए भगवान महावीर जन्म वाचन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विशेष रूप से उपस्थित थे। संत श्री हितेंद्र ऋषि जी एवं साध्वी सन्मति जी के मार्गदर्शन में अनेक सामाजिक, धार्मिक, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी का आयोजन हर्ष और उल्लास के वातावरण में जारी है। छत्तीसगढ़ प्रवर्तक पूज्य गुरुदेव श्री रतन मुनि जी महाराज के आशीर्वाद से सभी जप, तप, अनुष्ठान निर्विघ्न संपन्न हो रहे हैं।
विगत दिनों भगवान महावीर स्वामी जन्म वाचन एक सुंदर नाटिका द्वारा प्रस्तुत किया गया। श्रमण संघ महिला मंडल की सदस्यों ने आनंद समवशरण में युवाचार्य भगवंत के सानिध्य में शानदार तरीके से नाटिका की प्रस्तुति दी। आधा घंटे चली नृत्य नाटिका में भगवान महावीर के जन्म के पूर्व माता त्रिशला के 14 स्वप्न एवं भगवान महावीर जन्म पर आधारित नाटिका को धर्म सभा में बेहद सराहा गया। श्रीमती रुचिता बाधमार, ममता करनावट, माया सुराणा, कविता देशलहरा के संयोजन में पायल पारख, संजना रतन बोहरा, पलक पारख, श्रद्धा मेहता, चंचल श्रीश्रीमाल, काजल भंडारी, पूजा संचेती, युक्ति बोहरा, कविता करनावट, संजना सुराना, दीपिका करनावट, मीनाक्षी करनावट, मेघा छाजेड़, सेजल पारख, रानी कुशल पारख, राजा वीर पारख ने भगवान महावीर की नृत्य नाटिका में प्रस्तुति दी।
पर्यूषण पर्व के दौरान लगभग 47 अठाई की तपस्या आध्यात्मिक आनंद वषार्वास में युवाचार्य भगवंत एवं छत्तीसगढ़ प्रवर्तक के सानिध्य में गतिमान है।

