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मंगेतर के इम्तिहान में फेल होने का बदला, लड़के ने स्कूल को फूंक दिया

काहिरा : इमतिहान में नाकामी पर प्यारों की तरफ से सख़्त रद्दे ए-अमल सामने आता है, मगर जो रद्द-ए-अमल मिस्र में एक लड़की के मंगेतर की तरफ से देखा गया, वो हैरानकुन है। 

खबर के मुताबिक मिस्र की अलमनोफेह गवर्नरी में मंगेतर के इमतिहान में फेल होने पर लड़के ने स्कूल को ही आग लगा दी। वाकिया इतवार की शाम को पेश आया, जिसके बाद पुलिस ने नौजवान को गिरफ़्तार कर लिया है। मुल्जिम नवाही इलाके का रिहायशी है। अजीब-ओ-गरीब वाके का आगाज उस वक़्त हुआ जब सिकयोरिटी डायरेक्टोरेट को अलसंता पुलिस स्टेशन से एक इत्तिला मौसूल हुई, जिसमें कहा गया था कि सालिम अलनहाल स्कूल बराए तालीम में आग लग गई है। इत्तिला मिलने के फौरन बाद तहकीकाती टीमें तशकील दी गईं और उन्हें मुताल्लिका मुकाम पर मुंतकिल कर दिया गया। पुलिस, शहरी दिफा और मुकामी शहरीयों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया। आतिशजदगी से स्कूल को ज्यादा नुक़्सान नहीं पहुंचा। आग लगने से स्कूल के मुंतजमीन और प्रिंसिपल के कमरों के अलावा कंट्रोल रुम में मौजूद तमाम तलबा की फाइलों को नुक़्सान पहुंचा। मालूम हुआ कि मुल्जिम ने स्कूल की एक तालिबा से मंगनी की थी जो वो फेल हो गई थी। मुल्जिम ने अपनी मंगेतर की नाकामी का बदला लेने के लिए स्कूल को आग लगा दी। आग लगा कर वह फरार हो गया था।

कार में बच्चों के लाक हो जाने के ज्यादा मामले दुबई में
पुलिस ने इस साल 36 बच्चों को बचाया

File Photo
दुबई : कभी मां-बाप की लापरवाही तो कभी खुद की गलती के सबब बच्चे अक्सर कार में लाक हो जाते हैं। ये गलती या लापरवाही बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। ये खबरें भी आपने जरूर सुनी होंगी कि कार में लाक होने के बाद बच्चे की जान चली गई। शायद यही वजह है कि अल अमीरातुल यौम के मुताबिक दुबई पुलिस के आला हुक्काम ने किसी भी हालत में बच्चों को गाड़ी में तन्हा ना छोड़ने की अपील की है। दुबई पुलिस ने इस साल के शुरू से अब तक यानि आठ महीने में गाड़ियों में लॉक हो जाने वाले 36 बच्चों को बचाया है। आॅक्सीजन की कमी या दर्जा हरारत बढ़ जाने के बाइस उनका दम घुट सकता है। दुबई पुलिस ने वालदैन से अपील की कि वो अपने घरों या पब्लिक मुकामात पर गाड़ी कभी खुली ना छोड़ें। बच्चे गाड़ी खुली देखकर उसमें बैठते हैं और गाड़ी लॉक हो जाने पर फंस जाते हैं। दुबई पुलिस में इदारा आगही के डायरेक्टर बती अहमद अल फलासी ने कहा कि लॉक होने पर गाड़ी का हरारत 70 सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है। उतनी शदीद गर्मी बच्चे की मौत का बाइस बन जाती है। मुत्तहदा अरब अमीरात के कानून के मुताबिक बच्चों के तहफ़्फुज के सिलसिले में लापरवाही काबिल-ए-सजा है। 


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