जब हम किसी दुखी व्यक्ति के जीवन में खुशियां देते हैं, उस खुशी से होने वाली आत्म शांति का अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जो दुखी व्यक्ति को सुख पहुंचा रहा है
नई तहरीक : दुर्ग
जय आनंद मधुकर रतन भवन, बांधा तलाब में जारी आध्यात्मिक आनंद वर्षावास प्रवचन श्रृंखला के तहत आचार्य सम्राट जयमल जी महाराज के जाप अनुष्ठान में समाज के सभी वर्ग के लोग बड़ी संख्या में हर रोज शामिल हो रहे हैं। विगत दिनों धर्म सभा का प्रवचन ‘पर दुख कहां सहा ना जाए’ विषय पर केंद्रित था। युवाचार्य भगवंत श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज ने धर्म सभा को संबोधित करते हुए कहा, किसी के दुख को दूर करने में सुख है, या आंख फेर लेने में सुख है। यह अब चर्चा का विषय है। उन्होंने आगे कहा, जब हम किसी दुखी व्यक्ति के जीवन में खुशियां देते हैं, उस खुशी से होने वाली आत्म शांति का अनुभव वही व्यक्ति कर सकता है, जो दुखी व्यक्ति को सुख पहुंचा रहा है।
जिसके मन में करुणा नहीं, वह अभावी होता है
युवाचार्य भगवंत श्री महेंद्र ऋषि जी महाराज ने कहा, जिसके मन में सभी के प्रति करुणा सभी के प्रति मैत्री भाव हैं, वह हमेशा विनम्र, सुखचैन के साथ अपना जीवन व्यतीत करता है। युवाचार्य भगवंत ने कहा, जीवन में अच्छाइयों का आनंद लो, अच्छाइयों को प्रमोट करो, बढ़ावा दो, दुखी व्यक्ति के लिए हमारे मन, मस्तिक, समय में हमारी करुणा कभी कम ना हो, इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए। विश्व के सभी प्राणी को करुणा को देखने, समझने और महसूस करने का अवसर ईश्वर की ओर से मिला हुआ है लेकिन इस अनुभव को समझने, बताने और महसूस करने की योग्यता मनुष्य को ईश्वर ने प्रदान की है, इसका हमें सार्थक उपयोग करना चाहिए।
आनंद स्वर लहरिया ओपन बुक का विमोचन
400 भजन से सुसज्जित आनंद स्वर लहरिया ओपन बुक परीक्षा के प्रश्न पत्र का विमोचन वर्धमान स्थानकवासी श्रमण संघ के अध्यक्ष निर्मल बाफना धोड़नदी से आए श्रावक श्री के मुख्य आतिथ्य में हुआ। आनंद स्वर लहरिया भजन माला पुस्तक युवाचार्य श्री महेंद्र ऋषि जी द्वारा लिखी गई है। इस भजन माला से संत हितेंद्र ऋषि जी महाराज ने प्रश्न पत्र का संयोजन किया है। प्रश्न पत्र शहर में सपना संचेती एवं रायपुर में अनिल कुचेरिया से प्राप्त किया जा सकता है।
विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार
प्रश्न पत्र भरकर जमा करने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। अंतिम तिथि अक्षय तृतीया 2023 निर्धारित है।
