कॉमनवेल्थ गेम्ज के ट्रायल्ज के दौरान हुआ मामला

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नई दिल्ली : फौज के पहलवान सतेन्द्र मलिक ने मंगल को यहां कॉमनवेल्थ गेम्ज के ट्रायल्ज के दौरान 125 किलोग्राम के फाईनल में हारने के बाद रैफरी जगबीर सिंह पर हमला कर दिया, जिससे कौमी फैडरेशन ने उन पर ताहयात पाबंदी आइद कर दी है। हिन्दुस्तानी फिजाईया के पहलवान इखतेताम से 3.180 सेकण्ड पहले आगे थे, लेकिन मोहित ने टेक डाउन के बाद उन्हें चटाई से धकेल दिया। रेफरी विरेंदर मलिक ने ताहम मोहित को टेक डाउन के दो प्वाईंटस नहीं दिए और पहलवान ने फैसले को चैलेंज किया। इस मुकाबले की ज्यूरी सत्य देव मलिक ने गैर जांबदारी का हवाला देते हुए खुद को फैसले से अलग कर लिया। सत्य देव मोखड़ा गांव से है, जहां से सतेन्द्र भी आता है। इसके बाद तजरबाकार रैफरी जगबीर सिंह से चैलेंज को देखने की दरखास्त की गई। टीवी रीप्ले की मदद से उसने मोहित को तीन प्वाईंटस देने का फैसला किया। मैच का आखिरी प्वाईंट हासिल करने के बाद मोहित को फातेह करार दिया गया। इस फैसले के साथ ही सतेन्द्र अपना आपा खो बैठे और वो 57 किलोग्राम के मैच की चटाई पर चले गए जहां रवी और अमान के दरमयान फाईनल मैच हो रहा था, वहां जगबीर भी मौजूद थे। सतेन्द्र जगबीर के पास पहुंच कर उस की पिटाई करने लगे। पहले जगबीर को गाली दी और फिर थप्पड़ मारा जिससे वो अपना तवाजुन खो कर जमीन पर गिर गए। उसके बाद 57 किलो ग्राम का मुकाबला रोक दिया गया क्योंकि इस वाके के बाद इंदिरा गांधी स्टेडीयम के केडी जाधव हाल के अंदर हंगामा हो गया। सैंकड़ों शायकीन, ओहदेदारान और शुरका ऐसा नजारा देखकर हैरान रह गए। रेसलिंग फैडरेशन आफ इंडिया के ओहदेदारों ने सतिंदर को हाल से बाहर भेज दिया और मैच दुबारा शुरू कराया। ये सब स्टेज पर बैठे डब्लयूएफआई के सदर बृजभूषण शरण सिंह की आँखों के सामने हो रहा था। डब्लयूएफआई के अस्सिटेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर ने कहा कि हमने सतेन्द्र मलिक पर ताहयात पाबंदी आइद कर दी है। ये फैसला डब्लयूएफआई के सदर ने किया है। उन्होंने कहा कि इस मैच के रैफरी को ये बताने के लिए भी बुलाया जाएगा कि मोहित को प्वाईंटस क्यों नहीं दिए गए हालाँकि उन्होंने वाजेह तौर पर टेक डाउन किया था। बीरजू 2013 से टाप लेवल (क्लास वन) रैफरी हैं, ने कहा कि मेरा इस मैच से कोई ताल्लुक नहीं था। मैंने 97 किलोग्राम और 65 किलोग्राम के फाईनल में एम्पायरिंग किया था। मैंने इसमें फैसला उस वक़्त दिया था, जब मुझे ऐसा करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि ये डब्लयूएफआई पर मुनहसिर है कि वो उनके खिलाफ क्या फैसला करते हैं।
कोरोना केसेज में इजाफे़ के पेशे नजर चीन 2023 एएफसी एशीयन कप की मेजबानी नहीं करेगा
क्वालालांपपुर : चीन ने मुल्क में कोरोना केसों की तादाद में इजाफे़ के पेशे नजर अगले साल एएफसी एशीयन कप के फाईनल मरहले की मेजबानी ना करने का फैसला किया है। एशीयन फूटबाल कंफेडरेशन (एएफसी) ने हफ़्ते के रोज कहा कि चीन की फूटबाल फैडरेशन ने उसे बाजाबता तौर पर मतला किया है कि वो अगले साल टूर्नामेंट की मेजबानी नहीं कर सकेगा। एएफसी ने एक बयान में कहा कि चीनी फूटबाल एसोसीएशन (सीएफए) के साथ वसीअ बातचीत के बाद एशीयन फूटबाल कन्फेडरेशन (एएफसी) को सीएफए ने बाजाबता तौर पर मतला किया है कि वो अब एएफसी एशीयन कप 2023 की मेजबानी नहीं कर सकेगा। जून 2019 में पैरिस में एएफसी के इजलास के बाद चीन को 2023 एएफसी एशियाई कप का मेजबान नामजद किया गया था। 24 टीमों का ये मुकाबला अगले साल 16 जून से 16 जुलाई तक मुल्क के 10 शहरों में खेला जाना था। एएफसी ने कहा कि एएफसी कोरोना वबाई अमराज की वजह से पैदा होने वाले गैरमामूली हालात को तस्लीम करता है, जिसकी वजह से चीन ने अपने मेजबानी के हुकूक को तर्क करने का फैसला किया है।